वेश्यावृत्ति का दलदल: लड़की को बांग्लादेश से लाए दिल्ली, लीं ऐसी फोटो, दरिंदे आजादी की मांगते थे एक ही कीमत
पीड़ित युवती एक युवक की मदद से आरोपियों के चंगुल से भाग निकली। युवती ने पलवल में आकर मामले की शिकायत पुलिस को दी। थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर नामजद दंपती सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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40 हजार रुपये की नौकरी दिलाने के नाम पर बांग्लादेश से युवती को दिल्ली लेकर आए और भारत का नकली पहचान पत्र बनाकर वेश्यावृत्ति कराने लगे। आरोपियों ने युवतियों के छोटे कपड़ों में अश्लील फोटो ले लिए, जिन्हें दिखाकर उसे होटल में वेश्यावृत्ति के लिए भेजा जाता। एक युवक की मदद से युवती आरोपियों के चंगुल से भाग निकली। युवती ने पलवल में आकर युवक से शादी कर ली और मामले की शिकायत पुलिस को दी। शहर थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर नामजद दंपती सहित अन्य के खिलाफ मानव तस्करी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रेणू शेखावत के अनुसार बांग्लादेश निवासी एक 20 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसकी पड़ोसी नरगिस ने उसे दिल्ली में नौकरी दिलाने की बात कही। बीती 28 जनवरी वह बांग्लादेश से दिल्ली के लिए चली। नरगिस ने ही बस का किराया दिया। राजू उसे बॉर्डर पार करवाकर एक कमरे में ले गया, जहां काफी लड़कियां थीं। उसने मुझे एक छोटा फोन व नकली पहचान पत्र दिया। अगले दिन जुग्गा दादा नाम का व्यक्ति उसे कोलकाता से दिल्ली का टिकट देकर ट्रेन में बैठा गया।
दिल्ली स्टेशन पर लता व उसका पति अजगर उसे आली गांव ले आए। जब उसने नौकरी के बारे में पूछा तो उन्होंने उसे गलत काम करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि तुम्हें यहां लाने में बहुत रुपये खर्च किए हैं। 1.21 लाख रुपये दे दो और चली जाओ। काफी विरोध के बावजूद आरोपियों ने उसकी एक न मानी और उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में उतार दिया। आरोपियों ने उसके अश्लील फोटो ले लिए, जिन्हें ग्राहक के पास भेजा जाता। पसंद आने पर उसे होटल भेजा जाता। आरोपी काफी समय से उसके जरिये रुपये कमाते रहे।
आरोपी उससे कहते थे कि उसे नरगिस से रुपये देकर खरीदा है। आरोपियों के चंगुल से निकलने के लिए उसने एक युवक से मदद मांगी। युवक ने ग्राहक बनकर लता से फोन पर संपर्क किया और उसे बुला दिया। बदरपुर बॉर्डर पर युवक ने उसे लता के आदमियों से हाथापाई कर छुड़ाया और उसे पलवल के पंचवटी मंदिर पर लाकर शादी कर ली। शिकायत में कहा गया कि उन्होंने आरोपियों के डर की वजह से पलवल अदालत में सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मानव तस्करी का लंबे समय से कर रहे व्यापार
मामले में गिरफ्तार किए गए दिल्ली के आली गांव निवासी आरोपी दंपती लता व अजगर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे लंबे समय से मानव तस्करी का कार्य करते हैं। बांग्लादेश से युवतियों को भारत लाया जाता है। बांग्लादेश के दस्तावेज को नष्ट कर दूसरे नाम से भारत के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाए जाते हैं। उक्त युवती के साथ बांग्लादेश से अन्य लड़कियां भी मंगवाई गई थीं, जिन्हें दिल्ली लाकर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई कर दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। अन्य लड़कियों की बरामदगी के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला एवं बाल कल्याण समिति व बांग्लादेश की संस्था ने की काउंसलिंग
मानव तस्करी के मामले में मंगलवार को बांग्लादेश की संस्था शक्ति वाहिनी व पलवल की महिला एवं बाल कल्याण समिति शहर थाना पहुंची। समिति के सदस्यों ने पीड़ित युवती की काउंसलिंग की। उन्होंने बांग्लादेश से भारत पहुंचने तथा आरोपियों द्वारा किए अत्याचारों के बारे में जानकारी ली। समिति ने पीड़िता के पति से भी पूछताछ की।