अब आम लोग नहीं देख पाएंगे यह फिल्म
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सेंसर बोर्ड ने डायन प्रथा पर आधारित फिल्म ‘काला सच-द ब्लैक ट्रुथ’ को अभद्र बताते हुए इसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। इस निर्णय के खिलाफ फिल्म बनाने वाले प्रोडक्शन हाउस ने दिल्ली ट्रिब्युनल जाने का निर्णय लिया है।
इधर, कई संस्थाओं ने फिल्म को समर्थन देने और कलाकारों ने निर्णय के खिलाफ जाने की बात कही है। बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन स्थानीय निवासी मयंक श्रीवास्तव ने किया है।
इसे इस माह के अंत में रिलीज किया जाना था। अपने देश में रिलीज करने से पहले इस फिल्म को अटलांटिक, कैलेगरी और न्यूयार्क समेत कई अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का हिस्सा बनाया गया।
इसने टॉप 10 फिल्मों में अपनी जगह भी बनाई। कुछ दिन पूर्व ही इस फिल्म को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भी अवार्ड मिला था।
दिल्ली ट्रिब्युनल में जाएंगे निर्माता
फिल्म प्रदर्शन के विवाद पर मयंक ने बताया कि प्रोडक्शन हाउस ने इस विषय पर करीब डेढ़ साल तक रिसर्च किया है। इसके बाद यह तथ्य सामने आया कि झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार समेत देश के 12 राज्यों में डायन बताकर महिलाओं पर अत्याचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन फिल्मों में अंग प्रदर्शन हो रहा है, सेंसर बोर्ड ऐसी फिल्मों को खूब पास कर रहा है। वहीं इस फिल्म के प्रदर्शन पर उसे ऐतराज है। बोर्ड के इस दोहरे रवैये से परेशान होकर निर्णय के खिलाफ कोर्ट में अपील की जाएगी।
इधर, इस विवाद पर स्वामी अग्निवेश ने कहा कि उन्हें रांची से ऐसी घटनाओं की सूचना मिली है। वे प्रोडक्शन हाउस का समर्थन करेंगे।