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Delhi: अभयारण्य की दीवार बनने तक सांभर के विस्थापन पर रोक, सुरक्षा के लिहाज से लिया फैसला

Thu, 14 Jul 2022 04:45 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 14 Jul 2022 04:45 AM IST
सार

सभी सांभर हरिणों को असोला भाटी अभयारण्य में विस्थापित किया जाएगा। हालांकि, इससे पहले अभयारण्य की दीवार के बनने का इंतजार करना होगा। फिलहाल दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है। 

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Ban on displacement of Sambhar till the wall of sanctuary is built
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

दिल्ली गोल्फ क्लब से सांभर हिरणों के विस्थापन पर फिलहाल रोक लग गई है। दिल्ली सरकार के वन एवं वन्यजीव विभाग ने हिरणों की सुरक्षा के लिहाज से योजना को रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अभयारण्य की दीवार बनकर तैयार नहीं होती, तब तक हिरणों का विस्थापन नहीं किया जाएगा। 

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एक अधिकारी के मुताबिक, बीते वर्ष गोल्फ क्लब के अधिकारियों ने वन विभाग से सांभर हिरणों को अभयारण्य में विस्थापन के लिए अनुरोध किया था। अधिकारियों का कहना है गोल्फ क्लब में वन्यजीवों की आबादी में वृद्धि देखी जा रही है। वर्तमान में यहां 30 से 40 सांभर हिरण हैं, जो कि गोल्फ कोर्स की घास को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गोल्फ क्लब के अधिकारियों का कहना था कि सर्दियों के महीनों में, जब भोजन कम होता है, तो हिरण घास खाना शुरू कर देते हैं। इससे क्लब के रखरखाव की लागत बढ़ जाती है।
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वहीं, वन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि अभयारण्य की दीवार हरियाणा की तरफ खंडित है। ऐसे में चिंता इस बात की है कि वहां से गुजरने वाली सड़कों पर हिरण को चोट लग सकती है या मौत हो सकती है। अधिकारी का कहना है कि सभी सांभर हरिणों को निश्चित रूप  से असोला भाटी अभयारण्य में विस्थापित किया जाएगा। हालांकि, इससे पहले दीवार के बनने का इंतजार करना होगा। फिलहाल, दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है। 

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बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के अनुसार, बीते छह वर्षों में कम से कम पांच तेंदुओं की पास से गुजरने वाली सड़क पर दुर्घटना में मौत हुई है। वन्यजीव अभयारण्य के चारों ओर भारी यातायात प्रवाह वाली तीन प्रमुख सड़कें हैं। इसमें सूरजकुंड-फरीदाबाद रोड, गुड़गांव-फरीदाबाद रोड, और महरौली-बदरपुर रोड शामिल है। इसके अलावा दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर से फरीदाबाद के मांगर गांव तक भी एक रास्ता अभयारण्य से होकर गुजरता है। 

वन विभाग ने अप्रैल में हिरण के एक जोड़े को गोल्फ क्लब से अभयारण्य में विस्थापित कर दिया था, लेकिन भीषण गर्मी ने बाकी हिरणों के विस्थापन में बाधा उत्पन्न की। हिरण को न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ प्राकृतिक वातावरण की आवश्यकता होती है। अधिकारियों का कहना है कि स्थानांतरण से तेंदुओं के शिकार में सुधार होगा। बता दें कि 2010 से 2019 के बीच राजस्थान वन विभाग ने दिल्ली गोल्फ क्लब से रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में कई सांभर हिरण को विस्थापित किया था। असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य दक्षिणी दिल्ली में 32.71 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह उत्तरी अरावली तेंदुए वन्यजीव गलियारे का हिस्सा है, जो राजस्थान के सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान से दिल्ली रिज तक फैला हुआ है।

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