विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ जमानती वारंट रद्द
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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल के खिलाफ जारी जमानत वारंट शनिवार को अदालत ने रद्द कर दिया। दंगा मामले में पेश न होने पर अदालत ने गोयल के खिलाफ वारंट जारी कर दिया था।
गोयल व अन्य लोगों के खिलाफ 2008 में मामला दर्ज किया गया था। पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी सुनील कुमार शर्मा ने गोयल के पेश न होने पर 21 मार्च को जमानती वारंट जारी कर दिया था।
क्योंकि कोर्ट ने 12 जनवरी को गोयल को पेश होने का निर्देश दिया था इसके बाद भी गोयल पेश नहीं हुए। अदालत ने गोयल व अन्य पांच आरोपियों के वकीलों के आग्र्रह पर उस दिन प्रत्येक पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाते हुए पेशी से छूट प्रदान की थी ।
केजरीवाल और सिसौदिया को मिली छूट
इसके साथ ही अदालत ने उन्हें 21 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि अदालत ने पेश मामले की सुनवाई करते हुए भाजपा नेता जगदीश मुखी और हर्षवर्धन व अन्य आरोपियों के वकीलों के आग्रह पर पेशी से छूट प्रदान कर दी।
वहीं दूसरी ओर अदालत ने पुलिस की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है। पुलिस ने सीपीआई (एम) कार्यालय पर 9 मार्च 2008 को भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन के दौरान दंगा व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में रामनिवास गोयल, जगदीश मुखी, हर्षवर्धन व आरती मेहरा 21 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी।
वहीं दूसरी ओर जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन के दौरान अगस्त 2012 में निषेधाज्ञा भंग करने के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया व अन्य आप नेताओं को कोर्ट ने पेशी से छूट दे दी गई है।