{"_id":"66539fb582278b2bb6081a84","slug":"baby-care-hospital-fire-hospital-was-running-without-license-case-of-culpable-homicide-registered-2024-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baby Care Hospital Fire : बिना लाइसेंस चल रहा था अस्पताल, गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज; कई खामियां उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baby Care Hospital Fire : बिना लाइसेंस चल रहा था अस्पताल, गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज; कई खामियां उजागर
Mon, 27 May 2024 02:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 27 May 2024 02:17 AM IST
सार
विवेक विहार थाना पुलिस ने शुरुआत में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की तो अस्पताल के संचालन में कई खामियां मिलीं। पुलिस ने इस आधार पर लापरवाही से मौत की जगह अब गैर इरादतन हत्या और गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
मामले की जांच जारी है....
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विवेक विहार के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात हादसा हुआ, उसे बिना लाइसेंस के ही चलाया जा रहा था। विवेक विहार थाना पुलिस ने शुरुआत में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की तो अस्पताल के संचालन में कई खामियां मिलीं। पुलिस ने इस आधार पर लापरवाही से मौत की जगह अब गैर इरादतन हत्या और गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
पुलिस ने अस्पताल के मालिक और एक अन्य डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान डॉ. नवीन कीची और बीएएमएस डॉक्टर आकाश के रूप में हुई है। डॉ. आकाश चरखी दादरी का रहने वाला है।
विज्ञापन
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान टीम ने जब अस्पताल के लाइसेंस की पड़ताल की तो उसकी अवधि समाप्त मिली। इसके अलावा दिल्ली सरकार के डीजीएचएस विभाग की ओर से अस्पताल को महज पांच बेड का अस्पताल चलाने की अनुमति थी। उसका उल्लंघन कर 12 बेड का अस्पताल चलाया जा रहा था।
विज्ञापन
छानबीन के दौरान पुलिस को अस्पताल परिसर से आग बुझाने वाला एक भी सिलिंडर नहीं मिला। इसके अलावा किसी हादसे के समय इमारत से निकलने के लिए कोई इमरजेंसी एक्जिट भी नहीं बनाया गया। दूसरी ओर बच्चों के अस्पताल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत होती है, लेकिन बावजूद डॉ. नवीन ने आयुर्वेदिक डॉक्टर आकाश को रखा हुआ था।
अस्पताल के पास दमकल विभाग की एनओसी है या नहीं फिलहाल दिल्ली फायर सर्विस ने इसे अभी स्पष्ट नहीं किया है, हालांकि दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने एनओसी न होने की संभावना जताई है। पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा।
बता दें कि डॉ. नवीन अपनी पत्नी डॉक्टर जागृति के साथ मिलकर विवेक विहार, पंजाबी बाग, फरीदाबाद और गुरुग्राम में बेबी केयर न्यू बॉर्न नाम से अस्पताल चलाते हैं। फिलहाल दमकल विभाग, क्राइम टीम, एफएसएल समेत बाकी जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शाॅर्ट सर्किट की आग की वजह लग रही है।