Baba Siddique Murder: शूटर्स का यूपी-हरियाणा से कनेक्शन आया सामने, दिल्ली पुलिस जांच के लिए जाएगी मुंबई
Baba Siddique Death News: बाबा सिद्दीकी पर हमला करने वाले तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो उत्तर प्रदेश और एक हरियाणा का रहने वाला है।
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महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी अजीत गुट के बड़े नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई के बांद्रा ईस्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुंबई पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार संदिग्ध गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हैं। सूत्रों का कहना है गिरफ्तार किए गए संदिग्धों ने खुद ये दावा किया है। हालांकि अभी तक इस हत्याकांड की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। उधर, इस मामले में लारेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम मुंबई जाने की तैयारी में है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जांच के लिए दिल्ली पुलिस एक विशेष जांच दल मुंबई भेजेगी।
यूपी-हरियाणा से शूटर्स का क्या है कनेक्शन?Delhi Police will send a special investigation team to Mumbai to investigate the murder of NCP leader Baba Siddiqui in Mumbai. It is believed that a suspected gangster's motive behind the murder of Baba Siddiqui was to establish his influence in Mumbai: Delhi Police Special Cell…
— ANI (@ANI) October 13, 2024विज्ञापन
मुंबई पुलिस के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी पर हमला करने वाले तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो उत्तर प्रदेश और एक हरियाणा का रहने वाला है। इस घटना में शामिल धर्मराज कश्यप और शिव कुमार उर्फ शिवा गौतम दोनों बहराइच जिले के कैसरगंज कोतवाली के गंडारा गांव के रहने वाले थे। दोनों परिवार के भरण पोषण के लिए मुंबई कमाने गए थे। एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया की दोनो का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। यह दोनों ही सामान्य परिवार के लोग हैं। अभी तक नियमित रूप से यह परिवार के साथ जुड़े हुए भी थे। तीसरा आरोपी हरियाणा का रहने वाला है।
हरियाणा के कैथल का रहने वाला है एक आरोपी
वहीं, तीसरा आरोपी गुरमेल सिंह हरियाणा के कैथल जिले का बताया जा रहा है। कैथल के गांव नरड़ निवासी गुरमेल पर पहले से ही एक हत्या के मामले में केस दर्ज है, जिसमें वह जमानत पर बाहर था। कहा जा रहा है कि जेल में रहते हुए गुरमेल ने कुख्यात लॉरेंस गैंग से संपर्क साधा था और जमानत के बाद मुंबई चला गया था। गुरमेल डेढ़ महीने पहले अपने घर से हरिद्वार जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन उसके बाद से घर नहीं लौटा। परिवार का गुजारा बीपीएल कार्ड के सहारे चल रहा है, क्योंकि गुरमेल कोई स्थायी काम नहीं करता था। अब पुलिस उसकी बाकी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुंबई पुलिस अपराध शाखा द्वारा पूछताछ के दौरान, दोनों लोगों ने यह भी दावा किया कि वे लगभग एक महीने से उस इलाके की रेकी कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी एक ऑटो-रिक्शा में सवार होकर बांद्रा पूर्व में घटनास्थल पर पहुंचे थे। वे वहां पहले से ही सिद्दीकी के आने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में पुलिस को संदेह है कि मामले में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने का संदेह है जो आरोपियों को जानकारी मुहैया करा रहा था।
शूटर्स ने बाबा सिद्दीकी की कार पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां
बाबा सिद्दीकी की हत्या तब की गई जब वह शनिवार शाम को अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय से बाहर निकले थे। जब वह वहां से रवाना हुए तो हमलावरों ने निर्मल नगर में कोलगेट ग्राउंड के पास उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस दौरान बाबा सिद्दीकी के पेट में दो और सीने में एक गोली लगी, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
25-30 दिनों से कर रहे थे रेकी
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुद को बिश्नोई गैंग का बताया। आरोपी पिछले 25-30 दिन वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। वे पूरे इलाके की रेकी कर रहे थे। तीनों आरोपी ऑटो रिक्शा से बांद्रा ईस्ट पहुंचे थे। तीनों आरोपियों ने कुछ समय वहीं बिताया और बाबा सिद्दीकी के आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद उन्होंने बाबा सिद्दीकी को निशाना बनाया और गोली चलाई। दावा किया जा रहा है कि आरोपी किसी और के इशारे पर काम रहे थे। उन्हें उसके ही जरिए इनपुट मिल रहे थे। अंदरूनी जानकारी के जरिए वह शख्स आरोपियों को योजना के तहत काम करने के लिए रास्ता दिखा रहा था। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।