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Delhi NCR News: बाबा रामदेव ने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में की अपील
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नई दिल्ली। योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक बाबा रामदेव ने दिल्ली हाईकोर्ट में व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में अपील की। इसमें उन्होंने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कोर्ट में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, चेहरे, आवाज, योग शैली और अन्य पहचान योग्य विशेषताओं के अनधिकृत उपयोग को रोकने की याचिका दी है।
याचिका में दावा किया गया है कि रामदेव का नाम, चेहरा और व्यक्तित्व असाधारण साख और विश्वास का प्रतीक है, जिसका दुरुपयोग डीपफेक वीडियो, फर्जी एंडोर्समेंट, अनधिकृत व्यावसायिक जुड़ाव और मनोरंजन के लिए सामग्री बनाने में किया जा रहा है। सोशल मीडिया कंपनियों जैसे एक्स (पूर्व ट्विटर) और मेटा (फेसबुक) ने कोर्ट में इस याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि रामदेव का यह मुकदमा व्यंग्य, पैरोडी, राजनीतिक टिप्पणियां, समाचार रिपोर्ट्स और फैक्ट-चेक सामग्री को हटाने की मांग कर रहा है, जो नागरिकों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होगा। मेटा के वकील ने पूछा कि यदि कोई न्यूज चैनल रामदेव के खिलाफ गलत रिपोर्टिंग करता है, तो क्या इसके आधार पर व्यक्तित्व अधिकार लागू हो सकते हैं? उन्होंने गंभीर सामग्री हटाने पर सहमति जताई, लेकिन समाचार या राजनीतिक टिप्पणियों को ब्लॉक करने का विरोध किया।
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याचिका में दावा किया गया है कि रामदेव का नाम, चेहरा और व्यक्तित्व असाधारण साख और विश्वास का प्रतीक है, जिसका दुरुपयोग डीपफेक वीडियो, फर्जी एंडोर्समेंट, अनधिकृत व्यावसायिक जुड़ाव और मनोरंजन के लिए सामग्री बनाने में किया जा रहा है। सोशल मीडिया कंपनियों जैसे एक्स (पूर्व ट्विटर) और मेटा (फेसबुक) ने कोर्ट में इस याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि रामदेव का यह मुकदमा व्यंग्य, पैरोडी, राजनीतिक टिप्पणियां, समाचार रिपोर्ट्स और फैक्ट-चेक सामग्री को हटाने की मांग कर रहा है, जो नागरिकों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होगा। मेटा के वकील ने पूछा कि यदि कोई न्यूज चैनल रामदेव के खिलाफ गलत रिपोर्टिंग करता है, तो क्या इसके आधार पर व्यक्तित्व अधिकार लागू हो सकते हैं? उन्होंने गंभीर सामग्री हटाने पर सहमति जताई, लेकिन समाचार या राजनीतिक टिप्पणियों को ब्लॉक करने का विरोध किया।
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