आजम के कैंडल मार्च को नही मिली हरी झंडी
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हाशिमपुरा दंगा मामले में दंगा पीड़ितों के साथ कैंडल मार्च निकालने राजधानी पहुंचे यूपी सरकार के मंत्री व सपा के कद्दावर नेता आजम खां समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया।
उनके साथ मेरठ के कई पीड़ित परिवार भी शामिल थे। यह लोग दिल्ली गेट से राजघाट तक कैंडल मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया।
सपा के राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के सरकारी आवास 16 ई फिरोज शाह रोड पर शनिवार को यूपी के मंत्री आजम खां, सांसद सलीम फातिमा, यूपी के तीन मंत्री, दर्जन भर विधायक, आधा दर्जन विधान परिषद सदस्य पहुंचे थे।
इनका कार्यक्रम हाशिमपुरा दंगा मामले में पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकालने का था। कार्यक्रम के मुताबिक शनिवार शाम पांच बजे कैंडल मार्च शुरू होना था।
दिल्ली पुलिस ने इसलिए रोका कैंडल मार्च
यह मार्च राजघाट तक जाना था जिसके मद्देनजर फिरोजशाह रोड व राजघाट पर पुलिस का भारी इंतजाम था। पुलिस ने शाम चार बजे ही फिरोजशाह रोड पर बैरीकेडिंग कर दी थी।
मार्च में शामिल लोगों के लिए गाजियाबाद नगर निगम का वाटर टैंकर सांसद मुनव्वर सलीम के सरकारी आवास के बाहर पानी पिलाने के लिये तैनात था। पुलिस की तैयारियों की भनक लगने पर सपा नेताओं ने मुनव्वर सलीम के आवास से ही शाम के समय कैंडल मार्च निकालना शुरू किया लेकिन पुलिस ने इन लोगों को फिरोजशाह रोड व कस्तूरबा गांधी मार्ग की क्रॉसिंग पर ही रोक दिया।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मार्च निकालने की अनुमति न होने के कारण आगे नहीं बढ़ने दिया। राजघाट पर मौजूद पुलिस बंदोबस्त को शाम सात बजे हटा लिया गया।
मालूम हो कि मामले में तीस हजारी जिला अदालत ने आरोपी 16 पीएसी कर्मियों को 21 मार्च को बरी कर दिया था। इस फैसले को यूपी सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।