Azadi Ka Amrit Mahotsav: विश्व का सबसे बड़ा मानव तिरंगा बनाने की रिर्हसल में बारिश और जाम बना बाधा
सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से छतरी और रेनकोट पहनकर आने के लिए कहा गया है। किसी भी परिस्थिति में शिक्षक बच्चों को छोड़कर नहीं जाएंगे। शिक्षकों को ओआरएस, इलेक्ट्रॉल व ग्लूकोस पैकेट भी साथ रखने के लिए कहा गया है।
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दिल्ली सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव को खास बनाने की तैयारी की है। इसके लिए बृहस्पतिवार को विश्व का सबसे बड़ा मानव तिरंगा बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है। चार अगस्त को बुराड़ी ग्राउंड में यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाना है। इससे पहले बुधवार को इसकी रिहर्सल की गई। लेकिन बारिश, जाम और कुप्रबंधन के कारण सभी बच्चों की रिर्हसल नहीं हो सकी। इस कार्यक्रम के लिए प्रत्येक सरकारी स्कूल से 200 बच्चों व आठ शिक्षकों को डीटीसी की बसों से पहुंचना था। इसके लिए करीब 1500 बसों को लगाया गया था।
करीब 52 हजार बच्चों के माध्यम से यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाने की तैयारी है। बुधवार को रिर्हसल में पूरे बच्चे नहीं पहुंच पाए। इसके कारण कुछ बच्चों के साथ ही रिर्हसल की गई। बारिश के कारण ग्राउंड में पानी भर जाने के कारण भी दिक्कत आई।
बुराड़ी के आसपास के इलाकों में लंबा जाम
सरकारी स्कूल के शिक्षक कहते हैं कि दिल्ली सरकार के अब तक सभी कार्यक्रम त्यागराज स्टेडियम में किए जाते हैं जो कि इंडोर स्टेडियम हैं, लेकिन बुराड़ी ग्राउंड ओपन है। इस कारण बारिश का पानी भर गया और रिर्हसल उस तरह से नहीं हो पाई। इतनी बसों के कारण बुराड़ी के आसपास के इलाकों में लंबा जाम लग गया।
तीन बसों में 200 बच्चों को लाया जाएगा
शिक्षा निदेशालय ने बृहस्पतिवार को होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए बुधवार को दिशा-निर्देश जारी किए गए। दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। निर्देशों में कहा गया है कि चार बसों की जगह तीन बसों में 200 बच्चों को लाया जाएगा।