ऑटो व टैक्सियों पर सरकार की सख्ती, ज्यादा किराया वसूलने पर होगी कार्रवाई
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दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि टैक्सी और ऑटो के किराए तय करने के संबंध में जारी अधिसूचना पर सख्ती से अमल किया जाएगा।
इतना ही नहीं जो इसका उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल व न्यायाधीश
एके पाठक की खंडपीठ के समक्ष दिल्ली सरकार ने यह तर्क ऐप आधारित टैक्सी सेवा प्रदान करने वाली मैजिक सेवा कंपनी की याचिका पर सुनवाई के दौरान रखा।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार किराए के संबंध में जारी अधिसूचना को अमल करवाने में असफल है और कई ऐप आधारित कंपनियां कम किराया ले रही हैं जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
सरकार का तर्क सुनकर याची ने याचिका ली वापत
सरकार के तर्क को सुनने के बाद याची ने अपनी याचिका वापस ले ली। उन्होंने सिंगल जज के 18 मई के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें किराए के संबंध में अधिसूचना के मुद्दे पर कोई भी हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था।
याची ने इससे पहले दायर याचिका में कहा था कि कि ऐप आधारित टैक्सी एग्रीगेटर्स, उबर और ओला कंपनिया सरकार द्वारा तय किराए से काफी कम किराया वसूल रही हैं। अधिसूचना में न्यूनतम व अधिकतम किराया तय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कंपनियां पांच रुपये प्रति किलोमीटर ले रही हैं जो जारी अधिसूचना से आधा किराया है। मैजिक सेवा ने आरोप लगाया था कि कुछ कंपनियां 38 रुपये प्रति किलोमीटर तक वसूल रही है। यह सरासर तय नियमों का उल्लंघन है ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं ओला और उबर ने इस आरोप से इंकार किया था।