ऑटो और टैक्सी किराये में बदलाव की तैयारी में सरकार, शीला दीक्षित ने की थी बढ़ोतरी
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राजधानी में ऑटो और काली-पीली टैक्सी के किराये में बदलाव को लेकर सरकार तैयारी कर रही है। परिवहन विभाग की चार सदस्यीय किराया निर्धारण कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
रिपोर्ट पर किराया बढ़ाया जाए या नहीं आखिरी फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लेंगे। ऑटो और काली पीली टैक्सी का पिछली बार मई 2013 में शीला सरकार के दौरान किराया बढ़ाया गया था।
ऑटो-टैक्सी यूनियन लंबे समय से दिल्ली में बढ़ रहे खर्च को देखते हुए किराया बढ़ाने की मांग कर रही है। मगर 2013 से अब तक यह मामला किसी न किसी कारण से ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। मगर अब सरकार इसपर गंभीरता से विचार कर रही है। परिवहन विभाग की एक चार सदस्यों वाली कमेटी जल्द ही इसे लेकर अपनी एक फाइनल रिपोर्ट सरकार को देगी।
कमेटी अगले माह देगी अपनी रिपोर्ट
इसमें काली पीली टैक्सी के साथ ऑटो का किराया में बदलाव को लेकर सिफारिशें होंगी। वर्तमान में ऑटो का किराया पहले दो किलोमीटर 25रुपये उसके बाद 8 रुपये प्रति किलोमीटर है। काली टैक्सी का किराया पहले एक किलोमीटर का 25 रुपये और फिर नॉन एसी टैक्सी क 14 रुपये प्रति किलोमीटर एसी टैक्सी का 16 रुपये प्रति किलोमीटर है।
चूंकि परिवहन मंत्री गोपाल राय अभी इलाज के चलते शहर से बाहर हैं, इसलिए उनके आते ही कमेटी वह रिपोर्ट उन्हें देगी। फिर उस पर आखिरी फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लेंगे। उधर ऑटो यूनियन नेता राजेंद्र सोनी का कहना है कि हम सरकार से लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस बार भी किराया नहीं बढ़ाती है तो हमारी मांग है कि सरकार हमे छह रुपये प्रति किलो सीएनजी की सब्सिडी दे। उन्होंने कहा कि ऑटोका मेंटीनेंस महंगा हो गया है। इश्योरेंस कराना महंगा हो गया है। ऐसे में सरकार को किराया बढ़ाना चाहिए।