Delhi: औरंगजेब लेन नहीं एपीजे अब्दुल कलाम लेन कहिए जनाब, एनडीएमसी ने नाम बदले की दी मंजूरी
एनडीएमसी ने अगस्त 2015 में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड कर दिया था। औरंगजेब लेन अब्दुल कलाम रोड को पृथ्वी राज रोड से जोड़ती है।
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एनडीएमसी ने नई दिल्ली इलाके से मुगल शासक औरंगजेब के नाम का पूरी तरह सफाया कर दिया है। उसने औरंगजेब के नाम से रोड के बाद अब उनके नाम से लेन का नाम बदल दिया है। एनडीएमसी ने औरंगजेब लेन का नाम बदलकर डा. एपीजे अब्दुल कलाम लेन कर दिया है। इस संबंध में एनडीएमसी की बैठक में प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा गोल मार्केट को म्यूजियम बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों को पदोन्नति देने व अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने व अन्य प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
एनडीएमसी ने करीब दो साल पहले औरंगजेब रोड का नाम बदलकर डा. एपीजे अब्दुल कलाम रोड किया था, लेकिन उस दौरान इस रोड स्थित औरंगजेब लेन का नाम नहीं बदला गया था। एनडीएमसी की बुधवार को हुई बैठक में इस लेन का नाम औरंगजेब से बदलकर डा. एपीजे अब्दुल कलाम करने का प्रस्ताव लाया गया, जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। इस मौके पर एनडीएमसी के उपाध्याय सतीश उपाध्याय ने अन्य मुगल शासकों के नाम से रोड व लेन का नाम बदलने के संबंध में कहा कि इस संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है, मगर वह व्यक्तिगत तौर पर चाहते है कि गुलामी के चिन्ह नहीं रहने चाहिए।
एनडीएमसी की बैठक में गोल मार्केट का म्यूजियम के तौर पर विकसित करने की योजना के तहत कार्य शुरू करने की भी स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत समस्त कार्य दो वर्ष में करना है, मगर बैठक में सभी कार्य एक साल में ही करने का आदेश दिया गया। योजना के तहत गोल मार्केट भवन का संरक्षण और जीर्णोद्धार और सर्विस ब्लॉक और सब-वे के निर्माण सहित आसपास के क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाएगा। इस दौरान सिविल कार्य, इंटीरियर रेस्टोरेशन, अपग्रेडेशन, इंटीरियर वर्क, प्लंबिंग कार्य, इलेक्ट्रिकल, लाइटिंग फिक्स्चर (आंतरिक और बाहरी), एचवीएसी, प्रौद्योगिकी और मल्टीमीडिया कार्य, अग्निशमन कार्य किए जाएगे। सेंट्रल कोर्ट यार्ड में ग्लास डोम छत संरचना, फाल्स सीलिंग सहित पहली मंजिल स्तर की इंसुलेटेड छत संरचना का पुनर्निर्माण, सेंट्रल एयर कंडीशनिंग, सजावटी फिटिंग और फिक्स्चर, सर्विस ब्लॉक, सर्विस टनल, सबवे और लिफ्ट भी सुविधा होगी।
एनडीएमसी की बैठक में कर्मचारी केंद्रित प्रस्तावों पर विचार किया और उन्हें मंजूरी भी दी। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि आयुष विभाग के लिए श्रेणी ए और सी में योग समेत विभिन्न पदों की भर्ती विनियम (आरआर) तैयार किए जाएगे। वहीं चिकित्सा सेवा विभाग के लिए श्रेणी ए, बी और सी में विभिन्न पदों के भर्ती विनियम (आरआर) का निर्धारण किया जाएगा।
एनडीएमसी ने अनुकंपा के सभी मामलों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर अगली बैठक में प्रस्ताव रखने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि दिसंबर 2019 तक के अनुकंपा नियुक्ति मामलों का कार्य पूरा करें और 1 जनवरी 2020 से अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने के आदेश दिए। वहीं सतीश उपाध्याय ने बताया कि संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए गए है कि विभिन्न पदों पर सभी अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए और इस संबंध में अगली परिषद की बैठक में प्रस्ताव लाया जाए। यह प्रस्ताव पास होने पर करीब 900 कर्मचारी नियमित हो जाएगे।
एनडीएमसी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) द्वितीय अधिनियम 2011 की वैधता का विस्तार करने का भी प्रस्ताव पास किया। सतीश उपाध्याय ने बताया कि नई दिल्ली में नया अवैध निर्माण व अतिक्रमण होने से रोकने के लिए पूरे इलाके की मैपिंग कराई जाएगी। उसके इलाके में 30 स्लम क्षेत्र है।