{"_id":"669fac1fa7d102b90b025662","slug":"attempt-to-enter-malaysia-through-fake-means-agent-arrested-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-55325-2024-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: फर्जी तरीके से मलयेशिया में प्रवेश करवाने का प्रयास, एजेंट गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: फर्जी तरीके से मलयेशिया में प्रवेश करवाने का प्रयास, एजेंट गिरफ्तार
विज्ञापन
- यात्री को थाईलैंड से किया गया था निर्वासित, एजेंट ने उसके पासपोर्ट पर फर्जी स्टाम्प लगवाया था
- आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने एजेंट को पंजाब से किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने एक यात्री को फर्जी तरीके से मलयेशिया में प्रवेश कराने की कोशिश करने वाले एजेंट को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यात्री के पासपोर्ट पर फर्जी मलयेशियाई इमिग्रेशन स्टाम्प की व्यवस्था की थी, लेकिन यात्री को थाईलैंड से भारत निर्वासित कर दिया गया था। पासपोर्ट पर फर्जी मलयेशियाई इमिग्रेशन स्टाम्प पाए जाने पर यात्री के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तार एजेंट की पहचान गांव भारज संगरूर पंजाब निवासी लखवीर सिंह (30) के रूप में हुई है। 13 फरवरी की देर रात गांव सफदरपुर पटियाला पंजाब के रहने वाले गुरप्रीत सिंह को थाईलैंड से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचाया गया, उसे वहां से निर्वासित किया गया था। यात्रा दस्तावेजों की जांच में पता चला कि वह जुलाई 2023 को पर्यटन वीजा पर लखनऊ से थाईलैंड गया था। हालांकि उसके पासपोर्ट पर लगा मलयेशियाई इमिग्रेशन स्टाम्प फर्जी पाया गया। यात्री को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पूछताछ में गुरप्रीत ने बताया कि उसके गांव के कई दोस्त जल्द पैसा कमाने के लिए विदेश जा चुके हैं। वह भी मलयेशिया जाना चाहता था, वह अपने एक दोस्त के जरिए सरबजीत नाम के एजेंट से मिला। एजेंट ने उसे दो लाख रुपये लेकर थाईलैंड और डंकी रूट के जरिए मलयेशिया भेजने का आश्वासन दिया। एजेंट ने मलयेशिया में उसे नौकरी दिलवाने का भी आश्वासन दिया। यात्री ने एजेंट को एक लाख रुपये दे दिए और बाकी रकम गंतव्य तक पहुंचने के बाद देने का तय हुआ। एजेंट ने उसके थाईलैंड जाने की व्यवस्था की। वहां उसकी मुलाकात सरबजीत के सहयोगी लखवीर सिंह से हुई। जिसने उसके पासपोर्ट पर नकली मलयेशियाई स्टाम्प लगवा दी। थाईलैंड पुलिस ने निर्धारित समय से अधिक रुकने के कारण उसे पकड़ लिया और उसे भारत भेज दिया।
विज्ञापन
निरीक्षक राजकुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एजेंटों के संभावित ठिकानों पर कई छापे मारे। तकनीकी जांच करने के बाद पुलिस ने लखवीर को संगरूर पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने 8वीं तक पढ़ाई की है। वह पिछले 10 साल से नियमित रूप से वर्क परमिट पर मलयेशिया जाता था, जहां उसकी कुछ भारतीय एजेंटों से मुलाकात हुई। एजेंट लोगों को विदेश भेजने के बहाने ठगते थे। वह कमीशन पर एजेंटों के साथ काम करने लगा। पुलिस अन्य एजेंटों की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
- आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने एजेंट को पंजाब से किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने एक यात्री को फर्जी तरीके से मलयेशिया में प्रवेश कराने की कोशिश करने वाले एजेंट को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यात्री के पासपोर्ट पर फर्जी मलयेशियाई इमिग्रेशन स्टाम्प की व्यवस्था की थी, लेकिन यात्री को थाईलैंड से भारत निर्वासित कर दिया गया था। पासपोर्ट पर फर्जी मलयेशियाई इमिग्रेशन स्टाम्प पाए जाने पर यात्री के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तार एजेंट की पहचान गांव भारज संगरूर पंजाब निवासी लखवीर सिंह (30) के रूप में हुई है। 13 फरवरी की देर रात गांव सफदरपुर पटियाला पंजाब के रहने वाले गुरप्रीत सिंह को थाईलैंड से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचाया गया, उसे वहां से निर्वासित किया गया था। यात्रा दस्तावेजों की जांच में पता चला कि वह जुलाई 2023 को पर्यटन वीजा पर लखनऊ से थाईलैंड गया था। हालांकि उसके पासपोर्ट पर लगा मलयेशियाई इमिग्रेशन स्टाम्प फर्जी पाया गया। यात्री को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन
पूछताछ में गुरप्रीत ने बताया कि उसके गांव के कई दोस्त जल्द पैसा कमाने के लिए विदेश जा चुके हैं। वह भी मलयेशिया जाना चाहता था, वह अपने एक दोस्त के जरिए सरबजीत नाम के एजेंट से मिला। एजेंट ने उसे दो लाख रुपये लेकर थाईलैंड और डंकी रूट के जरिए मलयेशिया भेजने का आश्वासन दिया। एजेंट ने मलयेशिया में उसे नौकरी दिलवाने का भी आश्वासन दिया। यात्री ने एजेंट को एक लाख रुपये दे दिए और बाकी रकम गंतव्य तक पहुंचने के बाद देने का तय हुआ। एजेंट ने उसके थाईलैंड जाने की व्यवस्था की। वहां उसकी मुलाकात सरबजीत के सहयोगी लखवीर सिंह से हुई। जिसने उसके पासपोर्ट पर नकली मलयेशियाई स्टाम्प लगवा दी। थाईलैंड पुलिस ने निर्धारित समय से अधिक रुकने के कारण उसे पकड़ लिया और उसे भारत भेज दिया।
विज्ञापन
निरीक्षक राजकुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एजेंटों के संभावित ठिकानों पर कई छापे मारे। तकनीकी जांच करने के बाद पुलिस ने लखवीर को संगरूर पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने 8वीं तक पढ़ाई की है। वह पिछले 10 साल से नियमित रूप से वर्क परमिट पर मलयेशिया जाता था, जहां उसकी कुछ भारतीय एजेंटों से मुलाकात हुई। एजेंट लोगों को विदेश भेजने के बहाने ठगते थे। वह कमीशन पर एजेंटों के साथ काम करने लगा। पुलिस अन्य एजेंटों की तलाश कर रही है।