तिहाड़ में नहीं रुका खून खराबा, फिर जानलेवा हमला
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अभी तिहाड़ जेल में बंद विचाराधीन कैदी रविंद्र की हत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ है कि एक बार फिर जेल के भीतर खूनखराबा हुआ।
इस बार कैदियों ने सात नंबर जेल के वॉर्डर पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पीड़ित बुरी तरह जख्मी हो गए। गंभीर हालत में उन्हें डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इधर, सूत्रों की मानें तो कैदियों ने खुद को भी जख्मी कर लिया। वॉर्डर के अलावा 11 कैदियों को अस्पताल में लाया गया, जहां सभी को उपचार के बाद वापस जेल भेज दिया गया।
पुलिस की मानें तो पूरी वारदात जेल नंबर-7 स्थित कस्तूरी वार्ड में हुई। इस वार्ड में उन कैदियों को रखा जाता है जो जेल में दादागिरी या खूनखराबा करते हैं।
हाल में कस्तूरी वार्ड के लिए सीमांत सरोहा नामक वॉर्डर को तैनात किया गया था। बताया जा रहा है कि सीमांत जेल नियमों के लेकर काफी सख्त हैं।
ताला खोलने आए वार्डर पर हुआ हमला
सुबह करीब 11:30 बजे उन्हें जेल के एक सेवादार से कस्तूरी वार्ड के सभी कैदियों को बैरक में बंद कर ताला लगाने के लिए कहा। सेवादार ने सभी कैदियों को बंद कर बैरक पर ताला लगा दिया।
लेकिन किसी तरह कैदियों ने ताला खोलकर वॉर्डर पर हमला कर दिया। कैदियों ने सीमांत सरोहा पर लात-घूंसों से बुरी तरह जख्मी कर दिया। सीमांत के सिर में गंभीर चोटें आईं।
खबर मिलते ही जेल में हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानें तो बवाल के दौरान कुछ कैदियों ने खुद को भी जख्मी कर लिया। जेल प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा बलों को बुलाकर कैदियों को काबू किया। 11 कैदियों व सीमांत सरोहा को डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हरी नगर थाना पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने सरकारी कर्मचारी पर हमला करने का मामला कैदियों के खिलाफ दर्ज कर लिया है।