'मनीष सिसोदिया के इशारे पर हुआ विपक्ष पर हमला'
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नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के सदन की अवमानना और विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव में उपमुख्यमंत्री के इशारे पर विपक्ष के सदस्यों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है।
सिसोदिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा के तीनों विधायक महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने काली पट्टी बांधकर दो घंटे से अधिक समय तक धरने पर बैठे रहे।
उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर ही आप विधायक अमानतुल्ला खान की अगुवाई में करीब 10-15 विधायक विपक्ष की बेंच के सामने आ पहुंचे थे।
मेरे और जगदीश प्रधान के साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौच की
नेता प्रतिपक्ष ने प्रस्ताव में कहा है कि इन विधायकों ने मेरे और विधायक जगदीश प्रधान के साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौच की। विधायक नितिन त्यागी ने न सिर्फ मेरे और विपक्षी सदस्य के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि अलका लांबा ने ओपी शर्मा को थप्पड़ मारने का प्रयास किया।
विजेंद्र ने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने उत्तेजित होकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। धक्का-मुक्की की और मारने का प्रयास किया। यह सब मनीष सिसोदिया के कहने पर हुआ है।
विस में मॉडल टाउन से विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी का मामला उठाया गया। पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने कहा कि महिला सदस्य के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले शर्मा घूम रहे हैं। सदन की कार्यवाही चल रही है और एक विधायक को दो साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है।
अब फांसी की सजा बची है
हंगामे की वजह से प्रश्नकाल और विशेष उल्लेख के मामले नहीं उठाए जा सके। हालांकि अध्यक्ष ने तारांकित सवालों के जवाब पटल पर रखने और विशेष उल्लेख को पढ़ा हुआ माने जाने की व्यवस्था दी।
सत्तापक्ष की सभी महिला विधायकों ने कार्यवाही शुरू होने के पहले अध्यक्ष कार्यालय के बाहर धरना दिया। महिलाओं का कहना था कि लंबे दिनों से ओपी शर्मा इस तरह की हरकत कर रहे थे, कार्रवाई होनी चाहिए।
मुझे बगैर ट्रायल के पहली बार 5 मिनट, फिर पूरे दिन, फिर डेढ़ दिन और अब पूरे सत्र के लिए निकाला। अब फांसी की सजा बची है। सत्तापक्ष ने मेरे बयान को गलत तरीके से समझा।
मैंने पॉजिटिव भावना से कहा था कि वह रातभर घूमती हैं
भाजपा विधायक के मुताबिक लांबा खुद कहती हैं कि मैं 4 बजे ड्रग्स एडिक्ट को समझाने जाती हूं और रात 2 बजे रैन बसेरा जाती हूं। मैंने पॉजिटिव भावना से कहा था कि वह रातभर घूमती हैं।
ये मुझे नशे का सौदागर, जहरीला प्रसाद बेचने वाला कहती हैं। स्क्रिप्ट केजरीवाल ने लिखी थी। हालांकि इसमें हनुमान मंदिर के सीसीटीवी फुटेज आने पर ये फेल भी हुए हैं।
वहीं विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक ओपी शर्मा मामले को तूल देकर कामकाज से ध्यान भटकाना चाहते हैं। इन्होंने विपक्ष के साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौच की। विशेषाधिकार हनन और अवमानना के प्रस्ताव पर बोलने नहीं दिया। ये नहीं चाहते कि जनलोकपाल या अन्य मुद्दों पर हिस्सा लें। बहुमत के नशे में विपक्ष को दबा रहे हैं।