पूर्वोत्तर के युवकों पर बैट और हॉकी से हमला
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बंगलुरू में मणिपुरी युवक के साथ हुई हिंसक वारदात के बाद ऐसी ही घटना गुड़गांव में भी सामने आई है। यहां सात लोगों के एक स्थानीय समूह ने नागालैंड के दो युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना बुधवार देर रात की है।
गुड़गांव के नजदीक सिकंदरपुर इलाके में बुधवार रात को हुई इस वारदात में सात लोगों के एक समूह ने नागालैंड के दो युवकों को बैट और हॉकी स्टिक से बुरी तरह पीटा।
पूर्वात्तर छात्रों के एक समूह ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमलावरों ने इन युवकों पर गंदे कमेंट भी किए। हमले में घायल 25 वर्षीय अवांग और चेस्टर दोनों ही नागालैंड के रहने वाले हैं।
समूह के मुताबिक हमलावरों ने इन्हें धमकी देते हुए कहा कि अपने पूर्वोत्तर के साथियों से कह दें कि वह सिकंदरपुर छोड़ कर चले जाएं वरना उनका भी यही हाल होगा।
एनसीआर में नहीं है यह पहली घटना
हमलावरों ने इन युवकों से यह भी कहा कि अगर वह मणिपुर के होते तो उन्हें जान से मार देते। घायलों को पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत को देखते हुए दोनों को ही सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
गौरतलब है कि हाल ही में बंगलुरू में एक 26 वर्षीय मणिपुरी युवक को इसलिए बुरी तरह पीटा गया क्योंकि वह कन्नड़ नहीं बोल रहा था।
एनसीआर में पूर्वोत्तर के लोगों पर हुआ यह कोई पहला हमला नहीं है। इससे पहले जनवरी में अरूणाचल प्रदेश से कांग्रेस एमएलए नीडो पवित्रा के बेटे पर दिल्ली के स्थानीय व्यापारियों ने हमला कर दिया था।
लाजपत नगर में हुई इस घटना में 19 वर्षीय नीडो को व्यापारियों ने सिर्फ इसलिए पीटा था क्योंकि उसने अपनी हेयर स्टाइल पर कमेंट करने वाले दुकानदार से बहस कर ली थी। नीडो पर भी दुकानदारों ने लोहे के रॉड से हमला किया था।
सुरक्षा इंतजाम हैं नाकाफी
पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस के द्वारा किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। नोर्थ ईस्ट के लोगों के लिए बनाए गए सेल के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और न ही पिछले मामलों में कोई तेजी दिखाई गई।
पूर्वोत्तर के लोगों के साथ मारपीट और छेड़छाड़ के मामले पहले भी आ चुके हैं। गुरुवार को हुए हमले के बार पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों में रोष है।
हमले के बाद नोर्थ ईस्ट स्पोट एंड हेल्प सेंटर के गुड़गांव के प्रतिनिधि थंगमिन लियान ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही की वजह से हमेशा पूर्वोत्तर के लोगों पर हमले हो रहे हैं। स्थानीय युवकों द्वारा ताना कसना और उनकी बेइज्जती करना आम बात है। पुलिस इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है।
बता दें कि जून माह में सिकंदरपुर में पूर्वोत्तर राज्यों के युवाओं से स्थानीय लोगों के मारपीट के बाद इस क्षेत्र को छोड़ने का फैसला लिया था। बाद में गांव वालों ने मिलकर मामला सुलझाया था।
पहले हुए मामलों पर एक नजर
गुड़गांव पुलिस ने भी स्थानीय पंचायत के साथ मिलकर पूर्वोत्तर सेल का गठन किया था। जो विभिन्न इलाके को चिह्नित कर पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को सुरक्षा का माहौल देना था। साथ स्थानीय लोगों के बीच समावेश करना था। लेकिन इस पर अब तक कोई भी काम नहीं हो सका।
नाजनीस भसीन, नोडल अधिकारी व डीसीपी: मामला संज्ञान में आते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। जो भी मामला अभी तक आया है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। गुरुवार वाले मामले में भी आरोपियों की पहचान की जा रही है।
मामलों पर एक नजर
अक्तूबर------सिकंदरपुर में दो युवकों पर स्थानीय लोगों ने किया हमला
जुलाई------मणिपुर निवासी सोई जा मोयन के साथ मारपीट
जून-------पूर्वोत्तर राज्यों के युवाओं से मारपीट
जून-------महिपालपुर से आर ही एक पूर्वोत्तर की युवती से कैब चालक
ने छेड़छाड़ का प्रयास, युवती कैब से कूदी
मई-------तिगरा गांव में युवकों से मारपीट, मामला दर्ज
मार्च------सिकंदरपुर गांव में छह लोगों ने दो पूर्वोत्तर युवाओं पर किया हमला