{"_id":"6ab3de74755a0b15710805fd","slug":"atmosphere-at-aastha-kunj-changes-following-the-incident-people-avoiding-secluded-areas-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-156256-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: आस्था कुंज में घटना के बाद बदला माहौल, सुनसान हिस्सों से बच रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: आस्था कुंज में घटना के बाद बदला माहौल, सुनसान हिस्सों से बच रहे लोग
विज्ञापन
घटना के बाद पार्क में कम हुई आवाजाही, सुरक्षा को लेकर लोगों में बढ़ी चिंता
सचिन कुमार
नई दिल्ली। कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद पार्क का माहौल बदल गया है। लोगों के मन में घटना का डर साफ नजर आ रहा है। बुधवार को सामान्य दिनों की तुलना में पार्क में कम लोग पहुंचे। जो लोग आए, उनमें भी घटना को लेकर चर्चा होती रही। कई लोग मुख्य रास्तों तक ही सीमित रहे और पार्क के अंदर के सुनसान हिस्सों की ओर जाने से बचते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद पार्क में पहले जैसी बेफिक्री नहीं रही।
आस्था कुंज आसपास के व्यस्त इलाके में स्थित है। यहां इस्कॉन मंदिर, कमल मंदिर, भैरव मंदिर और कालकाजी मंदिर होने के कारण दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। नेहरू प्लेस और कालकाजी के कार्यालयों में काम करने वाले लोग भी इस क्षेत्र से गुजरते हैं। नजदीक लेडी श्रीराम कॉलेज होने के कारण छात्र-छात्राओं की भी आवाजाही रहती है। इसके बावजूद पार्क के भीतर कई हिस्से ऐसे हैं, जहां दिन में भी लोगों की मौजूदगी कम रहती है। घटना के बाद यही स्थान लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं।
मुख्य रास्तों पर लोग, अंदर के हिस्सों में सन्नाटा
बुधवार दोपहर पार्क के बाहर सामान्य आवाजाही दिखाई दी, लेकिन अंदर जाने पर स्थिति अलग नजर आई। मुख्य रास्तों पर कुछ लोग टहलते दिखे, जबकि आगे बढ़ने पर कई स्थानों पर सन्नाटा था। कुछ लोग अकेले जाने के बजाय दूसरे लोगों के आसपास रहना पसंद करते नजर आए। पार्क के एक सिक्योरिटी गार्ड के मुताबिक, घटना के बाद यहां लोगों की संख्या कम हुई है।
विज्ञापन
पार्क में आए मनोज ने कहा कि घटना के बाद लोगों का डरना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक, पहले लोग यहां घूमने और बैठने के लिए आते थे, लेकिन अब सुनसान हिस्सों में जाने से बच रहे हैं। स्थानीय निवासी मानसी ने बताया कि आस्था कुंज बड़ा पार्क है और केवल मुख्य रास्तों पर लोगों की मौजूदगी से पूरे पार्क में सुरक्षा का भरोसा नहीं बनता। उनके अनुसार, दिन में कम आवाजाही वाले हिस्सों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पार्क में पहुंचे लोगों के बीच घटना को लेकर लगातार चर्चा होती रही। कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते नजर आए तो कुछ ने पार्क के अंदर गश्त बढ़ाने की जरूरत बताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस की मौजूदगी दिखाई दे रही है, लेकिन सुरक्षा को लेकर भरोसा तभी बढ़ेगा, जब पार्क के सभी हिस्सों में नियमित निगरानी हो।
स्थानीय निवासी केशव कहते हैं, घटना के बाद लोगों में डर होना स्वाभाविक है। पहले लोग पार्क में घूमने, बैठने और समय बिताने के लिए आते थे, लेकिन अब सुनसान हिस्सों में जाने से बच रहे हैं। वहीं साहिल ने कहा, इतने व्यस्त इलाके के बीच स्थित पार्क के अंदर कुछ हिस्सों का लंबे समय तक सुनसान रहना चिंता का विषय है। पार्क के अंदर की स्थिति पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए जितना आसपास की सड़कों पर दिया जाता है।
छात्राओं ने कहा, सुरक्षा का एहसास जरूरी
लड़कियों के लिए पार्क तभी सुरक्षित माने जाएंगे, जब वहां दिन में भी सुरक्षा नजर आए। आस्था कुंज के कई हिस्से सुनसान हैं, जहां अकेले जाने में डर लगता है।-मीना
घटना के बाद आस्था कुंज में पुलिस की मौजूदगी बढ़ी है, लेकिन लड़कियों की सुरक्षा के लिए यह इंतजाम हर दिन होना चाहिए। पार्क के अंदर कई जगहों पर दोपहर में भी सन्नाटा रहता है। ऐसे स्थानों पर पुलिस की रोज गश्त होनी चाहिए।-नीलम
दिल्ली के पार्कों में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर अब ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। आस्था कुंज जैसी जगह पर घटना के बाद पुलिस पहुंचती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत क्यों नहीं होती।-मुस्कान
विज्ञापन
सचिन कुमार
नई दिल्ली। कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद पार्क का माहौल बदल गया है। लोगों के मन में घटना का डर साफ नजर आ रहा है। बुधवार को सामान्य दिनों की तुलना में पार्क में कम लोग पहुंचे। जो लोग आए, उनमें भी घटना को लेकर चर्चा होती रही। कई लोग मुख्य रास्तों तक ही सीमित रहे और पार्क के अंदर के सुनसान हिस्सों की ओर जाने से बचते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद पार्क में पहले जैसी बेफिक्री नहीं रही।
आस्था कुंज आसपास के व्यस्त इलाके में स्थित है। यहां इस्कॉन मंदिर, कमल मंदिर, भैरव मंदिर और कालकाजी मंदिर होने के कारण दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। नेहरू प्लेस और कालकाजी के कार्यालयों में काम करने वाले लोग भी इस क्षेत्र से गुजरते हैं। नजदीक लेडी श्रीराम कॉलेज होने के कारण छात्र-छात्राओं की भी आवाजाही रहती है। इसके बावजूद पार्क के भीतर कई हिस्से ऐसे हैं, जहां दिन में भी लोगों की मौजूदगी कम रहती है। घटना के बाद यही स्थान लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं।
विज्ञापन
मुख्य रास्तों पर लोग, अंदर के हिस्सों में सन्नाटा
बुधवार दोपहर पार्क के बाहर सामान्य आवाजाही दिखाई दी, लेकिन अंदर जाने पर स्थिति अलग नजर आई। मुख्य रास्तों पर कुछ लोग टहलते दिखे, जबकि आगे बढ़ने पर कई स्थानों पर सन्नाटा था। कुछ लोग अकेले जाने के बजाय दूसरे लोगों के आसपास रहना पसंद करते नजर आए। पार्क के एक सिक्योरिटी गार्ड के मुताबिक, घटना के बाद यहां लोगों की संख्या कम हुई है।
विज्ञापन
पार्क में आए मनोज ने कहा कि घटना के बाद लोगों का डरना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक, पहले लोग यहां घूमने और बैठने के लिए आते थे, लेकिन अब सुनसान हिस्सों में जाने से बच रहे हैं। स्थानीय निवासी मानसी ने बताया कि आस्था कुंज बड़ा पार्क है और केवल मुख्य रास्तों पर लोगों की मौजूदगी से पूरे पार्क में सुरक्षा का भरोसा नहीं बनता। उनके अनुसार, दिन में कम आवाजाही वाले हिस्सों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पार्क में पहुंचे लोगों के बीच घटना को लेकर लगातार चर्चा होती रही। कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते नजर आए तो कुछ ने पार्क के अंदर गश्त बढ़ाने की जरूरत बताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस की मौजूदगी दिखाई दे रही है, लेकिन सुरक्षा को लेकर भरोसा तभी बढ़ेगा, जब पार्क के सभी हिस्सों में नियमित निगरानी हो।
स्थानीय निवासी केशव कहते हैं, घटना के बाद लोगों में डर होना स्वाभाविक है। पहले लोग पार्क में घूमने, बैठने और समय बिताने के लिए आते थे, लेकिन अब सुनसान हिस्सों में जाने से बच रहे हैं। वहीं साहिल ने कहा, इतने व्यस्त इलाके के बीच स्थित पार्क के अंदर कुछ हिस्सों का लंबे समय तक सुनसान रहना चिंता का विषय है। पार्क के अंदर की स्थिति पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए जितना आसपास की सड़कों पर दिया जाता है।
छात्राओं ने कहा, सुरक्षा का एहसास जरूरी
लड़कियों के लिए पार्क तभी सुरक्षित माने जाएंगे, जब वहां दिन में भी सुरक्षा नजर आए। आस्था कुंज के कई हिस्से सुनसान हैं, जहां अकेले जाने में डर लगता है।-मीना
घटना के बाद आस्था कुंज में पुलिस की मौजूदगी बढ़ी है, लेकिन लड़कियों की सुरक्षा के लिए यह इंतजाम हर दिन होना चाहिए। पार्क के अंदर कई जगहों पर दोपहर में भी सन्नाटा रहता है। ऐसे स्थानों पर पुलिस की रोज गश्त होनी चाहिए।-नीलम
दिल्ली के पार्कों में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर अब ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। आस्था कुंज जैसी जगह पर घटना के बाद पुलिस पहुंचती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत क्यों नहीं होती।-मुस्कान