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अटाली विवाद: धार्मिक स्थल के निर्माण पर 3 अगस्त तक रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 31 Jul 2015 06:27 PM IST
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अटाली में हुए सांप्रदायिक तनाव की केंद्र बिंदु विवादित जगह को लेकर स्थिति लगातार साफ हो रही है। शुक्रवार को जिला अदालत में धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर सुनवाई में ग्राम पंचायत और समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी (एसईपीओ) ने माना कि इस जमीन पर ग्राम पंचायत का मालिकाना हक है।
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अदालत ने तीन अगस्त तक दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई में तय होगा कि वक्फ बोर्ड को केस में पार्टी बनाया जाए या नहीं।
बता दें, गांव अटाली में धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर 25 मई को दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। इसके बाद कुछ लोग धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर अदालत चले गए।
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यह मामला सिविल जज पुनीत सहगल की अदालत में विचाराधीन है। शुक्रवार को विवादित धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर अदालत में सुनवाई हुई।
अदालत में ग्राम पंचायत, वक्फ बोर्ड और एसईपीओ के वकील राज सिंह मोर जवाब देने पहुंचे। बहस के दौरान ग्राम पंचायत के वकील करण सिंह ने दावा पेश किया कि जमीन अटाली पंचायत की मिलकियत है।
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इस पर जवाब देते हुए एसईपीओ के वकील ने स्वीकार किया कि इस जमीन का वक्फ बोर्ड से कोई लेना-देना नहीं है। इस जमीन पर ग्राम पंचायत की ही मिलकियत है।
बहस सुनने के बाद अदालत ने तीन अगस्त तक स्टे आर्डर जारी कर दिया। सुनवाई के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात कर रखा था। कई प्रशासनिक अधिकारी भी इस दौरान जिला अदालत परिसर में मौजूद रहे। हालांकि, गांव के कम ही लोग अदालत पहुंचे।
सुनवाई के दौरान जमीन को लेकर स्थिति साफ हो गई है कि जमीन पर ग्राम पंचायत अटाली का मालिकाना हक है। इस जमीन से वक्फ बोर्ड को कोई लेना-देना नहीं है।
-नरेंद्र कुमार सिंगला, वकील, बहुसंख्यक पक्ष
-इस जमीन पर कब्रिस्तान बना हुआ है। इस लिए उस पर हमारा हक बनता है।
-रतन लाल शर्मा, वकील, वक्फ बोर्ड