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सीएम के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं सुलझ रहा अटाली विवाद

Thu, 26 Nov 2015 05:19 PM IST
मुकेश शर्मा/ अमर उजाला, फरीदाबाद
मुकेश शर्मा/ अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 26 Nov 2015 05:19 PM IST
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Atali dispute was not resolved despite the intervention of CM.

मुख्यमंत्री मनोहरलाल के हस्तक्षेप के बाद भी अटाली में जारी विवाद के हालात जस के तस बने हुए हैं। अल्पसंख्यकों के लिए धार्मिक स्थल बनाने के लिए वक्फ बोर्ड को जमीन देने के लिए कोई भी तैयार नहीं है।

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गांव में दोनों ही समुदाय के लोग निजी जमीन को धार्मिक स्थल के लिए बेचने को तैयार नहीं हैं। मालूम हो कि 25 मई की रात अटाली गांव में धार्मिक स्थल के निर्माण के विरोध में अल्पसंख्यकों के करीब डेढ़ दर्जन घर जला दिए गए थे।
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इसके बाद से अल्पसंख्यक परिवार गांव से पलायन कर गए थे। करीब पांच माह बाद सीएम मनोहर लाल ने मध्यस्थता कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया था।

27 नवंबर तक दिया फरमान

Atali dispute was not resolved despite the intervention of CM.

इसमें तय हुआ था कि अल्पसंख्यकों को धार्मिक स्थल और कब्रिस्तान बनाने के लिए गांव के बाहर जमीन मुहैया कराई जाएगी। यह जमीन वक्फ बोर्ड खरीदेगा।

गांव की शांति कमेटी ने धार्मिक स्थल निर्माण के लिए तीन जगहें चिन्हित की थीं। इनमें से दो जगहें बहुसंख्यकों की और एक अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति की है। यह तीनों ही लोग अपनी जमीन बेचने को तैयार नहीं हैं। इस वजह से समझौते को अमलीजामा पहनाया जाना मुश्किल हो रहा है।

मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए पुलिस आयुक्त सुभाष यादव महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। रविवार को पुलिस आयुक्त ने सरपंच राजेश चौधरी, पूर्व सरपंच प्रह्लाद सहित अन्य लोगों को स्पष्ट कर दिया कि वे जल्द से जल्द अल्पसंख्यकों को जमीन मुहैया कराए। उन्होंने इसके लिए 27 नवंबर तक का समय दिया है।

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