अटाली विवाद: जिस बात पर हुआ झगड़ा, उसी पर अड़े दोनों पक्ष
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गांव अटाली में दो समुदायों के बीच धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ लोग इसे सुलझाने की जगह उलझाने में जुटे हुए हैं।
इसलिए घटना के 10 दिन बीतने के बाद भी दोनों पक्षों में खींचतान जारी है। कई बार पंचायत होने के बाद भी दोनों पक्ष उसी बात पर अड़े हुए हैं, जिसे लेकर इतना बड़ा विवाद हुआ।
पीड़ित पक्ष गांव में अपना धार्मिक स्थल बनाने के फैसले पर अड़ा है तो ग्रामीण किसी भी सूरत में यहां स्थल बनने देना नहीं चाहते। आरोपियों की गिरफ्तारी तक पर रजामंदी हो गई है।
वापस गांव जाने का रास्ता बना, लेकिन....
वापस गांव जाने का रास्ता बनाया जा रहा है, लेकिन धार्मिक स्थल के निर्माण के मुद्दे पर दोनों के अहम टकरा रहे हैं। इसी स्थिति को कुछ लोग भुनाने में जुटे हैं। मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में हुई पंचायत में कुछ सुलह के आसार दिखाई दिए। संभव है कि बुधवार सुबह तक पीड़ित पक्ष के कुछ लोग गांव लौट आएं।
24 मई को गांव अटाली में धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ था। इस दौरान नाराज लोगों ने समुदाय विशेष के घरों में आगजनी की। दोनों ओर से पथराव हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
इसके बाद पुलिस पीड़ितों को थाना शहर ले आई, जहां बीते 10 दिन से करीब 125 पीड़ित परिवार राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं।
खूब मनाया पर पीड़ितों से नहीं मिला आश्वासन
ऊंचा गांव जामा मस्जिद के मौलाना जमालुद्दीन का कहना है कि अभी समाधान के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े हैं। अच्छा यह होगा कि दोनों समुदायों के मौजिज लोग एक जगह बैठकर इसका हल निकालें। जो बात सही है, उसी पर फैसला करें।
विधायक टेकचंद शर्मा और एसडीएम डॉ. प्रियंका सोनी की अध्यक्षता में दोनों पक्षों के बीच मंगलवार को बैठक हुई। गांव अटाली के मौजिज लोगों ने पीड़ित पक्ष के लोगों को खूब मनाया।
भाईचारे, इंसानियत का वास्ता दिया, लेकिन उन्होंने थोड़ा समय मांगकर उनसे पीछा छुड़ा लिया। हालांकि इस दौरान दोनों पक्षों में भाषा की तल्खी नहीं रही, जिससे खुश एसडीएम ने दोनों पक्षों का आभार जताया।