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'मौत के वक्त जेएनयू छात्र मुथू कृष्णन के पैर जमीन पर थे, फोटो बता रही है कहानी'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 16 Mar 2017 04:49 PM IST
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muthu krishnan
- फोटो : अमर उजाला
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जेएनयू छात्र मुथू कृष्णन के पिता ने जेएनयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मौके से लिए फोटो से साफ है कि मौत के वक्त उसके पैर जमीन पर थे, ऐसे में वह खुदकुशी कैसे कर सकता है।
मुनिरका विहार में पंखे से लटकर खुदकुशी करने वाले जेएनूय के दलित छात्र मुथू कृष्णन के पिता जीवा नंदनम एम ने जेएनयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। उसके पिता ने कहा कि उसका बेटा जाति आधारित उत्पीडन और शैक्षणिक माध्यमों से भेदभाव का शिकार हो रहा था।
जेएनयू प्रशासन ने बेटे की मौत के बारे में कुछ नहीं बताया। दलित छात्र के पिता का कहना है कि उसके बेटे की संदिग्ध हालत में मौत हुई है। उसका बेटा बहुत ही बहादुर था। उन्होंने बेटे की मौत मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
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मुनिरका विहार में पंखे से लटकर खुदकुशी करने वाले जेएनूय के दलित छात्र मुथू कृष्णन के पिता जीवा नंदनम एम ने जेएनयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। उसके पिता ने कहा कि उसका बेटा जाति आधारित उत्पीडन और शैक्षणिक माध्यमों से भेदभाव का शिकार हो रहा था।
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जेएनयू प्रशासन ने बेटे की मौत के बारे में कुछ नहीं बताया। दलित छात्र के पिता का कहना है कि उसके बेटे की संदिग्ध हालत में मौत हुई है। उसका बेटा बहुत ही बहादुर था। उन्होंने बेटे की मौत मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
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13 मार्च को शाम पांच बजे बेटे के दोस्त ने उसे बेटे की मौत के बारे में बताया था
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- फोटो : अमर उजाला
वसंत विहार थाने में दर्ज एफआईआर में पिता जीवा नंदनम एम. ने कहा कि उसका बेटा दलित रिसर्च स्कोलर था। वह जुलाई, 2016 में जेएनयू में आया था। 13 मार्च को शाम पांच बजे बेटे के दोस्त ने उसे बेटे की मौत के बारे में बताया था। जेएनयू प्रशासन ने बेटे की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
जेएनयू प्रशासन ने कुछ भी बताना उचित नहीं समझा। वह 14 मार्च को दिल्ली आया था। पुलिस ने उसे उसकेबेटे का शव दिखाया था। शव को देखकर नहीं लग रहा था कि उसके बेटे ने खुदकुशी की है।
मीडिया खुदकुशी की बात गलत बता रहा है। जब उसने मौके से लिए गए फोटो देखे तो उसके बेटे के पैर जमीन पर थे। ऐसे में वह कैसे खुदकुशी कर सकता है। जीवा नंदनम का कहना है कि उसके बेटे के दोस्त ने बताया कि उसका बेटा जाति आधारित उत्पीडन और शैक्षणिक भेदभाव का शिकार हो रहा था।
जेएनयू प्रशासन ने कुछ भी बताना उचित नहीं समझा। वह 14 मार्च को दिल्ली आया था। पुलिस ने उसे उसकेबेटे का शव दिखाया था। शव को देखकर नहीं लग रहा था कि उसके बेटे ने खुदकुशी की है।
मीडिया खुदकुशी की बात गलत बता रहा है। जब उसने मौके से लिए गए फोटो देखे तो उसके बेटे के पैर जमीन पर थे। ऐसे में वह कैसे खुदकुशी कर सकता है। जीवा नंदनम का कहना है कि उसके बेटे के दोस्त ने बताया कि उसका बेटा जाति आधारित उत्पीडन और शैक्षणिक भेदभाव का शिकार हो रहा था।
मुथू कृष्णन की दम घुटने से मौत हुई है
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- फोटो : अमर उजाला
उसकेबेटे को किसी तरह की मानसिक व शारीरिक बीमारी नहीं थी। पिता ने बेटे की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चिन्यम बिश्वाल ने बताया कि पिता की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने व एसटी/एससी एक्ट केतहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
एम्स के फोरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता का कहना है कि प्रथम दृष्टया छात्र मुथू कृष्णन ने खुदकुशी की है और उसकी लटकने से दम घुटने से मौत हुई है। छात्र के शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चिन्यम बिश्वाल ने बताया कि पिता की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने व एसटी/एससी एक्ट केतहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
एम्स के फोरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता का कहना है कि प्रथम दृष्टया छात्र मुथू कृष्णन ने खुदकुशी की है और उसकी लटकने से दम घुटने से मौत हुई है। छात्र के शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।