Assembly Elections Delhi : पुराने चेहरे और नई पार्टी के दम पर बिछ रही शाहदरा की चुनावी बिसात, यह रहा इतिहास
राजनीतिक पार्टियां क्षेत्र में किए गए विकास के दावे व बदहाली को लेकर दांव-पेच लगा रही हैं। शाहदरा विधानसभा सीट इस बार भी हॉट सीट मानी जा रही है। इसकी वजह यह है कि यहां उम्मीदवारों के चेहरे तो वही रहते हैं, लेकिन पार्टियां बदल जाती हैं।
विस्तार
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बिसात बिछनी शुरू हो गई है। राजनीतिक पार्टियां क्षेत्र में किए गए विकास के दावे व बदहाली को लेकर दांव-पेच लगा रही हैं। शाहदरा विधानसभा सीट इस बार भी हॉट सीट मानी जा रही है। इसकी वजह है कि यहां उम्मीदवारों के चेहरे तो वही रहते हैं, लेकिन पार्टियां बदल जाती हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम इस बात की तस्दीक करता है। सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी (आप) ने हाल ही में शामिल हुए पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले वह 2013 में भाजपा से विधायक रह चुके हैं। वहीं, मौजूदा विधायक और विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल आप से दो बार के विधायक हैं। वह भी पहले 1993 में भाजपा से विधायक रहे हैं। शंटी को पिछले चुनाव में गोयल के सामने हार का सामना करना पड़ा था।
शाहदरा विधानसभा सीट दिल्ली की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां 2020 में आप ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा कांग्रेस ने 2008 के बाद से इस सीट से जीत हासिल नहीं की है। जबकि 1998 से 2008 तक यह सीट लगातार कांग्रेस के खाते में रही है।
शाहदरा इलाके में घनी आबादी वाले कई क्षेत्र हैं। वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के दौरान इस क्षेत्र में पुरानी सीमापुरी, दिलशाद गार्डन के जे एंड के ब्लॉक व दिलशाद कॉलोनी आदि को जोड़ दिया गया था। यहां पुरानी सीमापुरी, दिलशाद गार्डन ए व बी ब्लॉक, दिलशाद कॉलोनी, प्रताप खंड, झिलमिल, विवेक विहार फेस-1 व 2, मुकेश नगर, मोहल्ला महराम, मोहल्ला डूंगर, तेलीवाड़ा, भोलानाथ नगर, बिहारी कॉलोनी प्रमुख इलाके हैं।
प्रमुख मुद्दे :
यहां पीने के पानी की व्यवस्था लचर है। ज्यादातर पार्क बदहाली के शिकार हैं। परिवहन व्यवस्था खराब है। पुराने इलाकों में सीवर जाम की समस्या ज्यों की त्यों है। शाहदरा में बाजार ज्यादा होने से यहां पार्किंग हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहा है। सड़कों की बदहाल स्थिति भी शामिल हैं।
शाहदरा विधानसभा 2024 में लोकसभा चुनाव में मतदाता
- कुल मतदाता :- 186786
- पुरुष : 97131
- महिला : 89648
- ट्रांसजेंडर : 7
(स्रोत : चुनाव आयोग)
18 से 19 वर्ष के मतदाता जनवरी 2024 के आंकड़ों के मुताबिक
पुरुष : 1271
- महिला : 924
- ट्रांसजेंडर : 0
- कुल : 2195
(स्रोत : चुनाव आयोग)
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80 वर्ष से अधिक के मतदाता जनवरी 2024 के आंकड़ों के मुताबिक
- पुरुष : 1881
- महिला : 2106
- ट्रांसजेंडर : 0
- कुल : 3987
दिव्यांग मतदाता जनवरी 2024 के आंकड़ों के मुताबिक
- पुरुष : 745
- महिला : 394
- ट्रांसजेंडर : 0
- कुल : 1139
(स्रोत : चुनाव आयोग)
साल---------उम्मीदवार------------पार्टी
- 2020---------रामनिवास गोयल---------(आप)
- 2015---------रामनिवास गोयल---------(आप)
- 2013---------जितेन्द्र सिंह शंटी---------(भाजपा)
- 2008---------डॉ. नरेंद्र नाथ-----------(कांग्रेस)
- 2003---------डॉ. नरेंद्र नाथ-----------(कांग्रेस)
- 1998---------डॉ. नरेंद्र नाथ-----------(कांग्रेस)
- 1993---------राम निवास गोयल--------(आप)
- 1983---------डॉ. नरेंद्र नाथ------------(कांग्रेस)
- 1977---------देवेंद्र कुमार जैन----------(जेएनपी)
गंदे पानी की है समस्या
शाहदरा लोनी रोड से सहारनपुर जो पहले हाईवे था उस पर दोनों तरफ अनधिकृत कब्जा है। कई बार सड़क साफ करने का आदेश हुआ है, लेकिन जमीन पर कोई बदलाव नहीं है। इससे दिन भर जाम लगा रहता है। इससे लोगों का सड़क से निकलना मुश्किल है।
-प्रमोद कुमार महेश्वरी, बलवीर नगर
यहां साफ-सफाई की बड़ी समस्या है। जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा रहता है। गलियों की नालियां भी खुली हैं। दूसरी तरफ इलाके की जितनी भी सड़केें हैं, सुबह-शाम जाम यहां आम रहता है। कोई भी पार्टी जीते, अगर इससे राहत मिलती है तो बड़ी बात होगी।
--वंदना नारंग, विवेक विहार
घरों में गंदे पानी की सप्लाई आम है। इससे हम लोगों की बहुत परेशानी होती है। कई बार आरओ भी जवाब दे देता है। दूसरी तरफ सड़कें भी टूटी पड़ी हैं। स्कूलों में भी क्षमता से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। इलाके के कई स्कूलों में अध्यापक नहीं आते।
-महेश सिंह