महबूबा से नहीं मिला जवाब तो कपिल मिश्रा ने अमित शाह से पूछे सवाल
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दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से चार सवाल करने पर महज एक का ही जवाब देने की बात लिखी है।
साथ ही कपिल ने पूर्व में लिखे गए पत्र पर अमित शाह का जवाब न मिलने का भी जिक्र किया है। कपिल मिश्रा ने लिखा है कि मंगलवार को महबूबा मुफ्ती से मिला। मैंने चार सवाल पूछे।
मैंने पूछा कि वह बुरहान वानी और अफजल गुरु को आतंकवादी मानती हैं या नहीं। कश्मीर में रोजाना हमारे वीर जवान भारत माता की जय बोलकर शहीद हो रहे हैं, क्या महबूबा मुफ्ती भारत माता की जय बोलेंगी।
जवाब न मिलने पर अमित शाह से पूछे सवाल
चार में से तीन सवालों के उन्होंने जवाब नहीं दिए। उनका जवाब क्या है ये आप भी जानते हैं और सारा देश भी। चौथा सवाल मैंने उनसे जेएनयू में देशविरोधी और अफजल गुरु के समर्थन में लगे नारों के बारे में पूछा।
इसका उन्होंने जवाब दिया यह कहकर कि विश्वविद्यालय में ऐसे नारे लगाना डेमोक्रेसी का हिस्सा है। इससे पहले 25 मई 2016 को मैंने आपको पत्र लिखा था और यही सवाल आपसे पूछे थे कि जब महबूबा और उनकी पार्टी पीडीपी खुलेआम देश विरोधी और आतंकियों की समर्थक है तब भी बीजेपी उनके साथ सरकार क्यों बना रही है।
आपने कोई जवाब नहीं दिया। ये सवाल उठ रहे हैं कि जेएनयू में जिन कश्मीरी लड़कों ने नारे लगाए, महबूबा मुफ्ती के दबाव में केंद्र सरकार ने उन पर कोई कार्रवाई न करने का निर्णय लिया।
मंगलवार को महबूबा ने मेरे सवालों पर जवाब न देकर इशारा किया कि वे नहीं चाहती हैं कि जेएनयू वाले मुद्दे पर कोई कार्रवाई हो। यह क्या है सर। कहां गई भाजपा की देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की बड़ी-बड़ी बातें। सत्ता के लिए इतना बड़ा समझौता। यह तो पूरे देश के साथ धोखा है।