केजरीवाल की जमानत के पीछे क्या है बड़ी वजह?
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लोकसभा चुनाव में पटखनी खाने के बाद आम आदमी पार्टी का सियासी निशाना सटीक नहीं लग रहा है। लिहाजा रणनीतिकार लगातार यू-टर्न पर यू-टर्न लेने को मजबूर हैं। ताजा मामला संयोजक अरिवंद केजरीवाल की बेल का है।
निचली अदालत से जेल भेजे जाने के बाद ‘आप’ ने ऐलान किया था कि वह मामले को सुप्रीम अदालत तक ले जाएगी, लेकिन मामले में हो रही किरकिरी को देखते हुए केजरीवाल ने पर्सनल बॉन्ड भर दिया। अपने बचाव में पार्टी हाईकोर्ट की सलाह का हवाला दे रही है।
हालांकि सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल के इस यू टर्न की मुख्य वजह कुछ और ही है।
ये है केजरी के यू-टर्न की खास वजह
सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल के इस यू-टर्न की वजह दोहरी है। गर्मी की छुट्टी होने से हाईकोर्ट एक जून से एक माह के लिए बंद हो रही है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहे हैं। ऐसे में सुनवाई लंबी खिंचने का आशंका थी। न्यायिक प्रक्रियाओं की तहत संभव था कि केजरीवाल को पूरे जून ही नहीं, बल्कि जुलाई भी जेल में ही काटनी पड़ सकती थी।
दूसरी तरफ इससे कार्यकर्ताओं में भी निराशा आ रही थी। केजरीवाल के जेल जाने को पार्टी भले ही नैतिक और तकनीकी बता रही थी, लेकिन आम लोगों को समझा पाना मुश्किल हो रहा था।
बैकफुट पर आ रही है AAP
इन सबके बीच बीते शुक्रवार को कार्यकर्ताओं की बैठक में हंगामा पार्टी नेताओं के लिए चेतावनी था। इसके अलावा लगातार पार्टी के कई वरिष्ठ सदस्यों से आप से किनारा करने से भी पार्टी बैकफुट पर आ रही थी।
शाजिया इल्मी और दो अन्य बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद 'आप' के दिग्गजों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी हैं।
इन हालात में हाईकोर्ट की सलाह पार्टी को संजीवनी सी लगी। अदालत की सलाह पर केजरीवाल के साथ वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा की। आखिर में तय हुआ कि बॉन्ड भरकर जेल से बाहर निकलना ही बेहतर है।
कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश
बता दें कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी के मानहानि मामले में आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अदालत में निजी मुचलका भर दिया। उसके बाद कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया।
केजरीवाल की ओर से दायर बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें निचली अदालत में मुचलका भरने का सुझाव दिया था।
पटियाला हाउस स्थित महानगर दंडाधिकारी गोमती मनोचा के समक्ष केजरीवाल की ओर से पेश अधिवक्ता ऋषिकेश कुमार, राहुल मेहरा और एचएस फुलका ने हाईकोर्ट के सुझाव का हवाला देते हुए केजरीवाल का दस्तखत किया निजी मुचलका पेश किया अदालत ने मुचलका स्वीकार करते हुए केजरीवाल को जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश जारी कर दिया।