नाजुक हो गए हैं अरविंद केजरीवाल: टीम योगेन्द्र
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टीम योगेन्द्र ने मीडिया को लेकर दिल्ली सरकार की नई नीति पर अफसोस जाहिर किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उनकी सरकार की आलोचना करते हुए इन्होंने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी पर बंदिश लगाना किसी भी कीमत पर सही नहीं है।
सरकार को उत्तरदायी बनाने के लिए उसकी आलोचना करना मीडिया का धर्म है। इसे मानहानि या आपराधिक प्रकृति का मान लेना ठीक नहीं हैं। स्वराज अभियान के जरिए वैकल्पिक राजनीति की राह पर चल रहे योगेन्द्र यादव व उनके सहयोगियों का कहना है कि केजरीवाल सरकार की तरफ से मीडिया के लिए सर्कुलर जारी करना गलत है।
मानहानि के कानून को आपराधिक प्रकृति का नहीं माना जा सकता। सार्वजनिक जीवन में बैठे लोगों को इतना नाजुक नहीं होना चाहिए कि वह आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर सकें।
आजादी पर अनुचित बंदिश गलत
सरकारी पदों पर बैठे लोगों पर शाब्दिक हमला करने का मतलब उन्हें उत्तरदायी बनाना है। लेकिन अलग-अलग सरकारों ने बोलने की आजादी पर अनुचित बंदिश लगाने की कोशिश की है।
टीम योगेन्द्र ने मांग की है कि दिल्ली सरकार को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला नहीं करना चाहिए। आम आदमी पार्टी की सरकार पारदर्शी और उत्तरदायी सरकार देने के भरोसे के साथ सत्ता में आई थी।
उससे आम लोगों को इस तरह की पाबंदी की उम्मीद नहीं थी। दिल्ली सरकार का सकुर्लर मानहानि के मामले को आपराधिक प्रवृत्ति का मानते हुए कार्रवाई करने की योजना को साफ करता है।
जिस दौर में मानहानि के मामलों को आपराधिक प्रवृत्ति के दायरे से बाहर निकालने की दिल्ली के मुख्यमंत्री की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है, उसी समय यह सर्कुलर नए सवाल खड़ा करता है।