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जब बोलते-बोलते गिर पड़े केजरीवाल, मची चीख-पुकार

Sun, 08 Mar 2015 12:39 AM IST
Updated Sun, 08 Mar 2015 12:39 AM IST
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Arvind Kejriwal broke down after AAP's Lok Sabha debacle, claims Ashutosh's book

लोकसभा चुनावों में हार के बाद जब आम आदमी पार्टी अलग-थलग पड़ गई थी, तब योगेंद्र यादव सुप्रीमो स्टाइल में काम कर रहे थे। उनके इस तेवर से राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अरविंद केजरीवाल बिल्कुल टूट गए थे और पद छोड़ने का प्रस्ताव तक रख दिया था। यह खुलासा आशुतोष ने अपनी किताब द क्राउन प्रिंस, द ग्लैडिएटर एंड द होप में किया है।

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आशुतोष की किताब के मुताबिक लोकसभा चुनाव के बाद बीते साल 6-7 जून को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जंगपुरा स्थित प्रशांत भूषण के निवास पर हुई थी। बैठक में लोकसभा चुनाव में हुई हार को लेकर चर्चा होनी थी, लेकिन कुछ हफ्तों बाद पार्टी पर एक और मुसीबत आई और केजरीवाल को नितिन गडकरी के मानहानि के मुकदमे में बांड नहीं भरने पर जेल भेज दिया गया।
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इसके बाद योगेंद्र यादव केजरीवाल पर ही सवाल खड़े करने लगे। वह लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करने के बजाय सुप्रीमो स्टाइल में केजरीवाल पर सवाल खड़े करने लगे। शाजिया इल्मी दूसरी नेता थी जो केजरीवाल पर सवाल उठा रही थीं।
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माफी मांगते हुए गिरे केजरीवाल

Arvind Kejriwal broke down after AAP's Lok Sabha debacle, claims Ashutosh's book

किताब में आशुतोष ने लिखा है कि बैठक में एक समय ऐसा भी आया, जब केजरीवाल ने पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक व्यवस्था खत्म होने के कारण पार्टी छोड़ने तक की बात कह दी। अरविंद के चेहरे पर हार दिख रही थी।

वह खुद माफी मांग रहे थे और कमरे को छोड़कर जाना चाह रहे थे। उन्होंने कुछ कहना शुरू ही किया था लेकिन वाक्य पूरा नहीं कर पाए। किताब के मुताबिक वह नीचे गिर पड़े।

मुंबई से आप नेता अंजलि दमानिया और मैंने (आशुतोष) उन्हें संभाला। अंजलि वहीं रोने लगीं और लोगों पर चिल्लाने भी लगी। उसने कहा हमें अपने आप पर शर्म आनी चाहिए।

और फिर केजरीवाल की आंखे भर आईं

Arvind Kejriwal broke down after AAP's Lok Sabha debacle, claims Ashutosh's book

कुछ समय बाद अरविंद ने अपने आप को संभाला। सभी उनके आस-पास खड़े थे। केजरीवाल ने कहा कि मैंने अपनी नौकरी इसलिए नहीं छोड़ी कि मैं एक पार्टी का संयोजक बनना चाहता हूं। मुझे यह नहीं चाहिए। कृपया करके किसी और को चुनिए। एक बार फिर उनकी आंखें भर आईं।

उस बैठक में मौजूद एक नेता के मुताबिक केजरीवाल उस बैठक में तीन बार गिरे थे। उन्होंने कहा कि वह रॉबर्ट वाड्रा, अंबानी और नरेंद्र मोदी से लड़ सकते हैं, लेकिन अपने ही लोगों से नहीं लड़ सकता हूं।

बताते चलें कि जिस समय आशुतोष की किताब आ रही है उससे चार दिन पहले ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लेकर पार्टी में अंतर्कलह की बात आई है। इस बार प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी से बाहर निकाला गया है, जिसे लेकर अभी कलह जारी है।

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