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CM साहब, कब मिलेगी सब्सिडी
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 18 Jan 2014 05:08 PM IST
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नए वर्ष की सौगात देते हुए राजधानी के अधिकतर लोगों को प्रति यूनिट बिजली दरों में 50 फीसदी सब्सिडी की घोषणा तो कर दी लेकिन अभी तक सब्सिडी डिस्कॉम्स से दूर है।
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अक्तूबर से दिसंबर-2013 की भी सब्सिडी राशि की पूरी रकम अभी तक डिस्कॉम्स को नहीं मिली है। इस संबंध में डिस्कॉम्स की ओर से दिल्ली सरकार को पत्र लिखा गया है। सब्सिडी पत्र की प्रति डीईआरसी को भी मिली है।
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अक्तूबर से दिसंबर-2013 तक का बिजली कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड का 30 करोड़ रुपये सरकार पर बकाया है। जनवरी से मार्च-2014 तक की सब्सिडी के लिए 80 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार को टीपीडीडीएल को देने हैं। सूत्रों का कहना है कि सब्सिडी की राशि सरकार को अग्रिम तौर पर कंपनी को देनी होती है।
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बीएसईएस की यमुना और राजधानी पावर लिमिटेड को सरकार के पास अक्तूबर से दिसंबर-2013 तक का सब्सिडी बकाया 62 करोड़ रुपये था। 50 फीसदी सब्सिडी की घोषणा के बाद जनवरी से मार्च-2014 तक के लिए सब्सिडी रकम 139 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सब्सिडी की यह राशि बीएसईएस को अपनी ओर से देनी होगी क्योंकि सरकार का कंपनी के ऊपर हजारों करोड़ रुपये बकाया है।
2014-15 में बिजली कीमत बढ़ाने की नहीं रखी मांग
बीएसईएस की राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड ने भी वर्ष-2014-15 के लिए एन्युअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के समक्ष जमा करा दिया है।
निजीकरण के 12 वर्ष में पहली बार ऐसा हुआ है कि कंपनी की ओर से सीधे तौर पर बिजली कीमत बढ़ाने की मांग नहीं की गई है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि पुराने घाटे की भरपाई कर दी जाए और हर तीन माह पर तय होने वाला पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) को बढ़ाया जाए।
यही नहीं डिस्कॉम्स की ओर से यह भी आग्रह किया गया है कि पुराने घाटे की भरपाई के लिए एक तय समय और तरीका भी बताया जाए। इससे पहले टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन की ओर से एआरआर दाखिल किया जा चुका है। टीपीडीडीएल की ओर से भी बिजली कीमत बढ़ाने की मांग नहीं की गई थी, आयोग के सामने सिर्फ लेखा-जोखा रख दिया गया था।