धरना देकर बड़ी मुश्किल में फंसे केजरीवाल और भारती
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
तीन पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग को लेकर रेल भवन के सामने धरने पर बैठे दोनों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की इजाजत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि इन दोनों के खिलाफ अभी तक मुकदमा चलाने की इजाजत क्यों नहीं दी गई। इसके अलावा याची के आवेदन पर क्या स्थिति है।
तो इसलिए मुश्किल में फंसे केजरीवाल?
अदालत ने मामले की सुनवाई 19 नवंबर तय की है। अदालत ने यह निर्देश अजय गौतम की याचिका पर दिए। गौतम ने कहा कि धरने के कारण आसपास यातायात जाम हो गया व कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करना पड़ा था।
वह अगले दिन तीस हजारी से कंस्टीट्यूशन क्लब एक कार्यक्रम में जाना चाहते थे लेकिन नहीं जा पाए। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और अदालत ने उन्हें निचली अदालत में शिकायत करने की सलाह दी थी।
उन्होंने 13 मार्च को निचली अदालत में याचिका दायर की तो 24 अप्रैल को अदालत ने उन्हें मुकदमा चलाने के लिए संबंधित विभाग की मंजूरी लाने के लिए कहा। आखिर उन्होंने 29 अप्रैल को उपराज्यपाल को इस संबंध में आवेदन किया।
AAP नेताओं पर चलेगा आपराधिक केस!
उपराज्यपाल ने 29 मई को बताया कि आवेदन गृह मंत्रालय के पास उचित कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसलिए केंद्र व दिल्ली सरकार को केजरीवाल व सोमनाथ भारती के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की इजाजत देने का निर्देश दिया जाए।