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पैरवी करने नहीं पहुंचीं अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम की पत्नी
Sun, 04 Aug 2019 07:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 04 Aug 2019 07:11 AM IST
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अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल की पत्नी अपनी शिकायत पर शुक्रवार को सुनवाई के लिए रेरा नहीं पहुंचीं। रेरा की पीठ-दो ने पूर्व सीएम की पत्नी को एक और मौका दिया है। वहीं बिल्डर ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। कहा है कि बिल्डर-बायर एग्रीमेंट (बीबीए) के तहत वह संपत्ति देने को तैयार है, लेकिन संपत्ति मूल खरीदार को ही देगा।
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बता दें कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में वर्धमान एस्टेट बिल्डर का आई वैली नाम से कमर्शियल प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट में कोयलम तौशिक के नाम से संपत्ति खरीदी गई थी। कोयलम तौशिक से पूर्व सीएम की पत्नी दांग्वीसाई पुल ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) करा ली।
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जीपीए के आधार पर पूर्व सीएम की पत्नी दांग्वीसाई पुल ने यूपी रेरा में बिल्डर के खिलाफ शिकायत की। शिकायत पर रेरा की पीठ-दो सुनवाई कर रही है। कुल 7.50 करोड़ रुपये से प्रोजेक्ट में संपत्ति खरीदी गई थी। राशि का भुगतान चेक से व नकद किया गया है।
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पूर्व सीएम की पत्नी ने कुल कमर्शियल की 29 यूनिट पर कब्जा दिलाने की मांग की है। पहली सुनवाई के बाद पीठ-दो ने दोनों पक्षों को एक माह का समय दिया था। कहा था कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से मामले का निस्तारण कर लें, उसके बाद रेरा कार्रवाई करेगा। पीठ ने लेनदेन को भी संदिग्ध माना है।
चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं किया तो फिर एसआईटी से जांच कराने पर विचार किया जा सकता है। एक माह बाद शुक्रवार को पीठ-दो के सदस्य बलविंदर कुमार ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पूर्व सीएम की पत्नी और उनकी तरफ से कोई पैरवी करने नहीं पहुंचा। पीठ ने शिकायतकर्ता को एक और मौका देने का फैसला लिया है और नोटिस जारी कर अगली तारीख पर तलब किया है।
14 यूनिट देने को तैयार है बिल्डर
बिल्डर ने शुक्रवार को पीठ के समक्ष अपना जवाब दाखिल किया है। पीठ के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि बिल्डर ने कहा है कि उसकी तरफ से बातचीत करने की कोशिश की गई थी, लेकिन आगे से कोई जवाब नहीं आया। बीबीए के तहत 14 यूनिट हैं। जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कर इन यूनिट पर कब्जा देने का वादा किया है, लेकिन बिल्डर ने मूल खरीदार को ही कब्जा देने की बात कही है। जीपीए को मानने से इंकार किया है।
अगले सप्ताह मामले को फिर सुना जाएगा। शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर तलब होने को कहा गया है। अगर सुनवाई में उपस्थित नहीं होते हैं, तो फिर पीठ एक तरफा फैसला लेने पर विचार करेगी।
-बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा