DDCA मानहानि मामला : केजरीवाल के वकीलों ने जब आजाद के आरोपों पर जेटली को घेरने की कोशिश की तो हुआ ये
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने डीडीसीए मानहानि विवाद मामले की सुनवाई के दौरान भाजपा के निलंबित सांसद कीर्ति आजाद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। केजरीवाल के वकीलों की ओर से आजाद के आरोपों पर जेटली को घेरने की कोशिश की गई थी।
आप नेताओं का कहना था कि आजाद ने भी जेटली पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए तो फिर उन पर मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया। मामला केजरीवाल समेत आप के छह नेताओं पर दस करोड़ रुपये की मानहानि के दावे से जुड़ा है।
हाईकोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार राकेश पंडित के समक्ष जेटली ने अपने बयान में कहा कि कीर्ति आजाद के आरोप पूरी तरह गलत व राजनीति से प्रेरित थे। उन्होंने कहा कि डीडीसीए के साथ कई क्रिकेट क्लब जुड़े हुए थे। इनमें से एक क्लब सिंडीकेट बैंक का भी था।
बैंक ने स्वेच्छा से इस क्लब का स्वामित्व अपने एक अधिकारी को दे दिया था। इससे यह क्लब एक निजी क्लब बन गया था, लेकिन कुछ समय बाद बैंक ने इसका स्वामित्व वापस ले लिया था। इस पूरी प्रक्रिया में किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं हुआ था।
'बैंक ने अपना निर्णय बदला था'
मामले की सुनवाई के दौरान जेटली ने कहा डीडीसीए ने इसमें कोई गलत काम नहीं किया था। बैंक ने अपना निर्णय बदला था। इसके सारे दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद आजाद ने डीडीसीए अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान जेटली ने कहा कि केजरीवाल के वकील उनसे आठ बार जिरह कर चुके हैं लेकिन मानहानि से संबंधित एक भी सवाल उन्होंने नहीं पूछा है। मानहानि पर सवाल पूछने के अलावा वह दुनिया भर के गैर जरूरी सवाल पूछ रहे हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से जिरह कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी व अनुपम श्रीवास्तव ने जेटली से आगे जिरह करने के समय मांगा है।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, आशुतोष व राघव चड्ढा की ओर से दायर अर्जियों पर जेटली को दो सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है।