{"_id":"56e950d94f1c1b16648b4587","slug":"artificial-bird-century-will-be-develop-in","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुल्तानपुर बर्ड सेंचुरी में बनेगा आर्टिफिशियल ब्रीडिंग सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुल्तानपुर बर्ड सेंचुरी में बनेगा आर्टिफिशियल ब्रीडिंग सेंटर
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 17 Mar 2016 09:45 AM IST
विज्ञापन
चिड़िया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान (नेशनल बर्ड सेंचुरी) पहुंचने वाले विदेशी पक्षियों के लिए आर्टिफिशियल ब्रीडिंग सेंटर बनाया जाएगा। जिसमें हजारों किलोमीटर दूर से आने वाली साइबेरियन पक्षियों को ब्रीडिंग के लिए उपयुक्त माहौल मिलेगा। इसके लिए वन विभाग ने करीब 2.5 एकड़ जमीन की पहचान की है। जिस पर अगले महीने से काम शुरू होगा।
विज्ञापन
दरअसल, हर साल पक्षी उद्यान में हर साल हजारों विदेशी पक्षी यहां आते हैं। इस बार रिकॉर्ड करीब एक लाख विदेशी पक्षी आए थे। इसमें साइबेरिया, मंगोलिया, यूरोप और चीन सहित अन्य बफीले स्थानों से पक्षी आते हैं।
विज्ञापन
अक्तूबर के मध्य से इनका गुडग़ांव में आगमन शुरू हो जाता है और मार्च माह में फिर जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस बीच विदेशी पक्षी अपनी ब्रीडिंग करते हैं। मगर, वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो जब विदेशी पक्षियों के ब्रीडिंग का समय होता है, तब उन्हें यहां माहौल नहीं मिल पाता है।
विज्ञापन
पर्यटकों के आने और कई बार ब्रीडिंग प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसे देखते हुए अगले साल आने वाले पक्षियों के लिए यहां उपयुक्त माहौल देने के लिए मौजूदा उद्यान में अलग से व्यवस्था की जा रही है।
बता दें कि पक्षी उद्यान में 352 एकड़ जमीन है। जिसमें 60 फीसदी वेटलैंड (आद्रभूमि) है। पिछले वर्ष विदेशी पक्षियों का आगमन देरी से शुरू हुआ था और पलायन भी जल्दी शुरू हो गया था।
इस बार भी पक्षियों का आगमन देरी से हुआ है। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि उपयुक्त माहौल नहीं मिलने के कारण यहां आने वाले पक्षी अब दूसरे उद्यान और शहर में जाने लगे हैं।
असोला, ओखला और सुखना चंडीगढ़ चले जा रहे हैं। अगर उपयुक्त माहौल यहां मिले तो पक्षियों की संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय पक्षियों को भी ब्रीडिंग में लाभ मिलेगा।
राज कुमार भाटिया, जिला वन्य (जीव) अधिकारी: विदेशी पक्षियों समेत स्थानीय पक्षी को उपयुक्त ब्रीडिंग का माहौल देने के लिए अलग से एक केंद्र बनाया जा रहा है। जहां पर पक्षियों के लिए हिसाब से माकूल बंदोबस्त होंगे। यहां पर पक्षियों के अनुसार खाने की व्यवस्था की जाएगी।