दवा कंपनी से घूस लेने के मामले में गिरफ्तार नौकरशाह बीके बंसल को मिली जमानत
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भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार नौकरशाह बीके बंसल को विशेष अदालत से मंगलवार को जमानत मिल गई। सीबीआई ने बंसल को एक दवा कंपनी के सीओओ (मुख्य संचालन अधिकारी) से नौ लाख रुपये की घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज गुरदीप सिंह ने बंसल के साथ आरोपी बिचौलिये विश्वदीप बंसल को भी जमानत प्रदान की है।
अदालत ने इन दोनों आरोपियों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके व एक-एक जमानती की शर्त पर जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने जमानत प्रदान करते हुए दोनों आरोपों पर कुछ शर्तें लगाई हैं।
अदालत ने बंसल को अपने कार्यालय न जाने और जरूरी होने पर जांच अधिकारी को सूचना देने, गवाहों से न मिलने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने और दिल्ली या देश से बाहर जाने से पूर्व कोर्ट की अनुमति लेने का निर्देश दिया है।
बंसल पर दवा कंपनी से नौ लाख घूस लेने का आरोप
मामले में अन्य आरोपी विश्वदीप को भी गवाहों से न मिलने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने और दिल्ली या देश से बाहर जाने के लिए कोर्ट की अनुमति लेने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने बंसल को जमानत देते हुए कहा कि उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी व बेटी ने खुदकुशी कर ली थी। उसका बेटा भी तनाव में है। उसे अंतरिम जमानत दी गई, जिसके बाद उसने सरेंडर कर दिया।
बंसल की जमानत याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने बहस की। अधिवक्ता गुप्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को 42 दिन पहले गिरफ्तार किया था।
इस बीच उसे अंतरिम जमानत भी मिली और उसने इसका कभी दुरुपयोग नहीं किया। उसने जांच में सहयोग किया और खुद कोर्ट में सरेंडर किया। एजेंसी का आरोप है कि बंसल ने मुंबई स्थित एल्डर फार्मस्यूटिकल के सीओओ से बिचौलिये के जरिये से नौ लाख रुपये घूस ली थी।