अर्पित होटल के मालिक का भाई भी गिरफ्तार, दोनों को चार दिन के रिमांड पर लिया
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने करोलबाग के अर्पित पैलेस होटल अग्निकांड मामले में होटल मालिक राकेश गोयल के भाई शरदेंदु गोयल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। तीस हजारी कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका रद्द होने के बाद शरदेंदु ने कोतवाली स्थित अपराध शाखा के कार्यालय में सरेंडर कर दिया। उनके नाम पर ही होटल का लाइसेंस है। पुलिस ने राकेश गोयल व शरदेंदु को चार-चार दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि महाप्रबंधक राकेश और प्रबंधक विकास को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अपराध शाखा अधिकारियों के अनुसार राकेश गोयल व शरदेंदु गोयल को इसलिए रिमांड पर लिया गया है ताकि दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा सके। पुलिस इस बात की जांच करेगी कि होटल का लाइसेंस शरदेंदु के नाम क्यों था। क्या उसकी होटल में हिस्सेदारी थी। इससे पहले शरदेंदु ने मंगलवार सुबह तीस हजार कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी, जिसे रद्द कर दिया तो शाम को उसने सरेंडर कर दिया।
राकेश गोयल, महाप्रबंधक राकेश व प्रबंधक विकास का दो-दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। दूसरी ओर राकेश गोयल की निशानदेही पर पुलिस ने होटल से संबंधित कागजात बरामद कर लिए हैं। दिल्ली पुलिस ने उसको साथ लेकर घिटोरनी स्थित उसके घर, गुरुग्राम व करोलबाग में दबिश दी थी।
शुरुआत में ही बन गया था चार मंजिला
जांच में ये बात सामने आई है कि होटल अर्पित को सिर्फ ढाई मंजिल बनाने की अनुमति मिली थी, जबकि होटल चार मंजिला बनाया गया था। होटल निर्माण के समय ही होटल को चार मंजिला बना दिया गया था। इसके बाद छत पर किचन व रेस्टोरेंट बना दिया गया था।
पुलिस ने सभी विभागों से मांगा जवाब
दिल्ली पुलिस ने उत्तरी एमसीडी, एक्साइज विभाग, बीएसईएस और फायर विभाग को पत्र लिखकर एनओसी, कन्वर्जन शुल्क व अवैध निर्माण को लेकर अग्निकांड से जुड़ी रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एमसीडी ने गोल-मोल जवाब दिया है।
सभी विभागों की लापरवाही सामने आ सकती है
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में सभी विभागों की लापरवाही सामने आ रही है। किसी भी विभाग ने ठीक से कार्रवाई की तो शायद अग्निकांड होता ही नहीं।