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कबड्डी प्रैक्टिस कर लौटे फौजी की गुरुदासपुर बॉर्डर पर मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 28 Mar 2016 09:31 AM IST
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गुरुदासपुर बॉर्डर पर तैनात यहां के एक फौजी की ब्रेन हैमरेज होने से मौत हो गई। शनिवार देर रात उनके पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से गांव में लाया गया और रविवार सुबह पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
गांव पृथला निवासी हरिकिशन तंवर ने 15 साल पहले सेना ज्वाइन की थी। वह जाट रेजीमेंट में बतौर नायक तैनात थे। परिजनों के मुताबिक वह कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी थे। वर्तमान में वह सेना में खिलाड़ियों को कबड्डी का प्रशिक्षण देते थे।
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार की शाम वह प्रशिक्षण देकर अपने शिविर में वापस आए और अचानक उनके सिर में दर्द शुरू हो गया। उन्होंने इसकी जानकारी अपने कमांडिंग आफीसर को दी। दर्द बढ़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
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फौजी के चचेरे भाई सुभाष तंवर ने बताया कि हरिकिशन अपने पीछे दो बेटे छोड़ गए। बड़ा बेटा 9 साल का और दूसरा 7 साल का है। रविवार को विधायक टेकचंद शर्मा, पूर्व चेयरमैन राकेश तंवर, वाइस चेयरमैन लक्ष्मण सिंह समेत सेना के अधिकारियों ने फौजी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। फौजी की मौत से गांव में गम का माहौल है।
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गांव पृथला निवासी हरिकिशन तंवर ने 15 साल पहले सेना ज्वाइन की थी। वह जाट रेजीमेंट में बतौर नायक तैनात थे। परिजनों के मुताबिक वह कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी थे। वर्तमान में वह सेना में खिलाड़ियों को कबड्डी का प्रशिक्षण देते थे।
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परिजनों ने बताया कि शुक्रवार की शाम वह प्रशिक्षण देकर अपने शिविर में वापस आए और अचानक उनके सिर में दर्द शुरू हो गया। उन्होंने इसकी जानकारी अपने कमांडिंग आफीसर को दी। दर्द बढ़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
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फौजी के चचेरे भाई सुभाष तंवर ने बताया कि हरिकिशन अपने पीछे दो बेटे छोड़ गए। बड़ा बेटा 9 साल का और दूसरा 7 साल का है। रविवार को विधायक टेकचंद शर्मा, पूर्व चेयरमैन राकेश तंवर, वाइस चेयरमैन लक्ष्मण सिंह समेत सेना के अधिकारियों ने फौजी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। फौजी की मौत से गांव में गम का माहौल है।