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ये गुरु ग्राम नहीं, है अजीबोगरीब बिल्डिंगों का गांव

Sun, 17 Apr 2016 11:05 AM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, गुड़गांव
ओम प्रकाश/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sun, 17 Apr 2016 11:05 AM IST
सार

  • बेमिसाल आर्किटेक्चर वाली बिल्डिंगें बढ़ा रहीं साइबर सिटी की शान
  • शहर की बिल्डिंगें बरबस ही आकर्षित कर लेती है लोगों का ध्यान

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architecture of gurgaon and its building

विस्तार

करीब 250 'फॉर्च्यून-500’ कंपनियों वाले शहर का नाम भले ही बदलकर सरकार ने गुरुग्राम कर दिया हो लेकिन अब यहां न तो ग्राम है और न ही वन, जिससे कहीं पर गुरुग्राम की तस्वीर दिखाई देती हो।

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यहां के गांव अब शहर में तब्दील हो गए हैं। शहर के अंदर कहीं भी वन क्षेत्र नहीं है। इसकी जगह यहां गगनचुंभी बिल्डिंगें दिखाई देती हैं, जो अपनी बेमिसाल आर्किटेक्चर से लोगों का बरबस ही ध्यान आकर्षित कर लेती है।
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ऐसे में इसे अजीबोगरीब बिल्डिंगों का गांव कहा जा सकता है। शहर में जिधर भी नजर दौड़ाइए, उधर एक से बढ़कर एक बिल्डिंगें खड़ी हो रही हैं।

सिंगापुर और शंघाई जैसी इमारतें और किसी म्यूजियम सी अजीबोगरीब बिल्डिंगें इसे दुनिया के खूबसूरत बिल्डिंगों वाले शहरों में शुमार कर रही हैं। इसीलिए कॉरपोरेट से जुड़े लोग कह रहे हैं कि ब्रांड बन चुके गुड़गांव की इमेज को गुरुग्राम से खतरा है।
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गुड़गांव को वैश्विक स्तर पर कारोबारी और तकनीकी ब्रांड बनाने में यहां की बिल्डिंगों का खासा योगदान है। अब से करीब दो दशक पहले शिप बिल्डिंग गुड़गांव की सबसे बड़ी पहचान थी।

मगर आज शहर में ऐसी बिल्डिंगों की भरमार है जिसे देखते ही लोग उसकी तारीफ किए नहीं रह पाते। रियल एस्टेट के जानकारों का कहना है कि यहां पर करीब 1500 ऐसी आलीशान बिल्डिंगें हैं।

साइबर सिटी में आए दिन बन रहीं हाईराइज बिल्डिंगों को लेकर बिल्डरों के बीच जबरदस्त स्पर्धा है। विदेशों के मशहूर डिजाइनरों और आर्किटेक्ट द्वारा ऐसी-ऐसी बिल्डिंगों को तैयार किया जा रहा है, जिन्हें देखते ही हर कोई आश्चर्यचकित हो जाता है।

यहां पर माचिस की डिब्बों के आकार जैसी बिल्डिंगें घाटा से बादशाहपुर आने वाले रोड पर बन रही हैं। बाटा कंपनी की बिल्डिंग भी इसी तरह से बनी हुई है। कोई बिल्डिंग मीनार जैसी तो कोई वर्गाकार या फिर बोतल की तरह दिखाई देती है।


गुडग़ांव में जो बिल्डिंगें बन रही हैं, उनमें दूसरे देशों के भी आर्किटेक्टों की मदद ली जा रही है। स्पर्धा के इस दौर में अपने आपको सबसे अलग और अनोखा दिखाने के लिए यह जरूरी भी है। -डिंपल भारद्वाज, प्रवक्ता, रहेजा डेवलपर्स 

इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गुड़गांव की अच्छी कनेक्टिविटी की वजह से यहां पर सैकड़ों बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने भारतीय मुख्यालय बनाए हैं। उन्होंने अपने हिसाब से बिल्डिंगों के डिजाइन की मांग की। डीएलएफ ने सबसे पहले इस तरह की बिल्डिंगें बनाने की शुरुआत की। धीरे-धीरे इसमे प्रतिस्पर्धा हावी होने लगी। अब तो ज्यादातर बिल्डिंगों की डिजाइन विदेशी आर्किटेक्ट कर रहे हैं।-एससी कुश, पूर्व चीफ टाउन प्लानर


यहां इन कंपनियों के कार्यालय 
यहां गूगल, कोकोकोला, नेस्ले, हिंदुस्तान लीवर, माइक्रोसॉफ्ट, मित्सुबिसी, मारुति सुजूकी, होंडा, माइक्रोमैक्स, स्नैपडील, अमेरिकन एक्सप्रेस, रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड, डेल, कैनन, एचपी, आईबीएम, ऑरेकल, सेपिएंट और विप्रो जैसी कंपनियों के कार्यालय हैं।

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