ऐप बेस्ड टैक्सी सेवा के खिलाफ हड़ताल पर जाएंगे ऑटो यूनियन
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दिल्ली में ऐप बेस्ड टैक्सी बुकिंग की सेवाएं देने वाली कंपनियों को बंद करने की मांग को लेकर ऑटो टैक्सी यूनियन ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
ऑटो यूनियन का कहना है कि बिना लाइसेंस के चल रही ओला, उबर जैसी कंपनियों के चलते ऑटो-टैक्सी वालों बेरोजगार हो रहे है। ऐसे में सरकार को इनकी सेवाओं पर रोक लगानी चाहिए।
यूनियन ने कहा है कि अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो वह 15-16 को हड़ताल पर जाएंगे। इससे पहले 14 मार्च को ऑटो यूनियन के लोग समता स्थल से राजघाट तक काला झंडा लगाकर ऑटो चलाएंगे। इसमें मुंबई और पूणे के यूनियन भी शामिल होंगे। हालांकि दिल्ली सरकार ने सोमवार को यूनियन को बैठक के लिए बुलाया है।
दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय को पत्र लिखकर काली-पीली टैक्सी और ऑटो चालकों के जीवन यापन को लेकर समस्याएं बताने के साथ उन्हें में दिक्कतें गिनवाने के साथ उसे बंद करने की मांग की है।
15-16 मार्च को हड़ताल पर जाने की दी धमकी
यूनियन की मांग है कि काली पीली टैक्सी का रिप्लेसमेंट शुरू किया जाए। ओला उबर को बंद किया जाए। काली पीली टैक्सी को परमिट ट्रांसफर का अधिकार मिले। यूनियन को अब दूसरे शहरों के यूनियन का समर्थन मिला है। सोमवार को ही एक विरोध मार्च के रूप में वहां के यूनियन के लोग शामिल भी हो रहे है।
ऑटो यूनियन संघ के महासचिव राजेन्द्र सोनी ने कहा है कि अगर संगठन की मांग पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो सभी ऑटो-टैक्सी चालक 15-16 मार्च को हड़ताल करेंगे।
दिल्ली में करीब 13 हजार काली-पीली टैक्सी और 81 हजार ऑटो रिक्शा हैं। सोनी का कहना है कि ऐप आधारित कैब सर्विस से धीरे-धीरे ऑटो-टैक्सी बिजनेस खत्म हो रहा है।
जो ऐप आधारित सेवाएं कंपनी चला रही हैं, वो नियमों का पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी सोमवार को भी बैठक है लेकिन सरकार को हमारी मांगें माननी होगी। हमे दूसरे मेट्रो शहरों के यूनियन का समर्थन भी प्राप्त है।