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ऐप बेस्ड टैक्सी सेवा के खिलाफ हड़ताल पर जाएंगे ऑटो यूनियन

Sun, 13 Mar 2016 07:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 13 Mar 2016 07:12 PM IST
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App-based taxi service will go on strike against the auto union
ऑटो यूनियन

दिल्ली में ऐप बेस्ड टैक्सी बुकिंग की सेवाएं देने वाली कंपनियों को बंद करने की मांग को लेकर ऑटो टैक्सी यूनियन ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। 

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ऑटो यूनियन का कहना है कि बिना लाइसेंस के चल रही ओला, उबर जैसी कंपनियों के चलते ऑटो-टैक्सी वालों बेरोजगार हो रहे है। ऐसे में सरकार को इनकी सेवाओं पर रोक लगानी चाहिए।
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यूनियन ने कहा है कि अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो वह 15-16 को हड़ताल पर जाएंगे। इससे पहले 14 मार्च को ऑटो यूनियन के लोग समता स्थल से राजघाट तक काला झंडा लगाकर ऑटो चलाएंगे। इसमें मुंबई और पूणे के यूनियन भी शामिल होंगे। हालांकि दिल्ली सरकार ने सोमवार को यूनियन को बैठक के लिए बुलाया है। 
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दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय को पत्र लिखकर काली-पीली टैक्सी और ऑटो चालकों के जीवन यापन को लेकर समस्याएं बताने के साथ उन्हें  में दिक्कतें गिनवाने के साथ उसे बंद करने की मांग की है।

15-16 मार्च को हड़ताल पर जाने की दी धमकी

App-based taxi service will go on strike against the auto union
गोपाल राय

यूनियन की मांग है कि काली पीली टैक्सी का रिप्लेसमेंट शुरू किया जाए। ओला उबर को बंद किया जाए। काली पीली टैक्सी को परमिट ट्रांसफर का अधिकार मिले।  यूनियन को अब दूसरे शहरों के यूनियन का समर्थन मिला है। सोमवार को ही एक विरोध मार्च के रूप में वहां के यूनियन के लोग शामिल भी हो रहे है।

ऑटो यूनियन संघ के महासचिव राजेन्द्र सोनी ने कहा है कि अगर संगठन की मांग पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो सभी ऑटो-टैक्सी चालक 15-16 मार्च को हड़ताल करेंगे।

दिल्ली में करीब 13 हजार काली-पीली टैक्सी और 81 हजार ऑटो रिक्शा हैं। सोनी का कहना है कि ऐप आधारित कैब सर्विस से धीरे-धीरे ऑटो-टैक्सी बिजनेस खत्म हो रहा है।

जो ऐप आधारित सेवाएं कंपनी चला रही हैं, वो नियमों का पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी सोमवार को भी बैठक है लेकिन सरकार को हमारी मांगें माननी होगी। हमे दूसरे मेट्रो शहरों के यूनियन का समर्थन भी प्राप्त है।

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