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शहर की शान बनीं अनुपमा, बॉक्सिंग में स्वर्णिम प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 25 Aug 2015 05:36 PM IST
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फरीदाबाद की बेटी अनुपमा ने राज्यस्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक रेवाड़ी की प्रतिद्वंद्वी को हराकर अपने नाम किया है। यह कामयाबी उसने तीन माह की कड़ी मेहनत के बाद पाई है।
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अपनी इस कामयाबी का श्रेय वह अपने कोच अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज राजीव गोदारा को दे रही है। वह कहती है कि किसी भी खेल में कॅरियर बनाने के लिए लंबे समय की नहीं बल्कि कड़ी मेहनत और लगन की जरूरत होती है।
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पलवल जिले के गांव यादुपुर की रहने वाली अनुपमा मध्यम परिवार से ताल्लुक रखती है। इनके पिता सुरेंद्र सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। परिवार में तीन बहनें और एक भाई है। अनुपमा गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा 11वीं में पढ़ रही है।
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तीन महीने पहले ही इन्होंने बॉक्सिंग में कैरियर की शुरुआत की थी। इतने कम समय में इन्होंने राज्यस्तर और स्कूल गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जगह बनाई है।
वह बहुत ही संघर्षशील है। सवेरे उठकर मां के साथ घर के कामों में हाथ बटाकर स्कूल जाना आदत है। वहां से लौटने के बाद वह फरीदाबाद गुरु द्रोणाचार्य अकादमी के लिए पलवल से दोपहर करीब ढाई बजे की ट्रेन लेती है और अकादमी में शाम करीब साढ़े 4 बजे तक पहुंच जाती है।
यहां यह 5 से 7 बजे तक कड़ी मेहनत करती है। इसके बाद रात करीब साढ़े 8 बजे वापस अपने घर के लिए निकलती है। वह बताती है कि उसे घर पहुंचते-पहुंचते 11 बज जाते हैं।
हालांकि, आसपास के लोगों का विरोध झेलना पड़ता है, लेकिन उन्हें परिवार का भरपूर सहयोग मिल रहा है।