JNU में फिर विवादित पोस्टर, भारत को बताया जेल
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शुक्रवार रात जेएनयू परिसर में लगाए गए इन पोस्टरों में कश्मीर की आजादी का वर्णन किया गया है साथ ही भारत को जेल बताते हुए इन पोस्टरों को 12 मार्च तक न हटाने की अपील भी की गई है।
हालांकि, इस बार लगे पोस्टरों पर किसी संगठन या व्यक्ति का नाम नहीं लिखा गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने देश विरोधी पोस्टर लगाने के इस मामले में चार छात्रों से पूछताछ भी की है।
साथ ही जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी के आरोपी एक अन्य छात्र आशुतोष को पुलिस ने पूछताछ के लिए आज आरके पुरम थाने बुलाया है।
मालूम हो कि जेनयू में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, डीएसयू नेता उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य से पूछताछ कर रही है।
बिरयानी और मोमोज की कर रहे मांग
इस बीच खबर ये भी है कि पुलिस पूछताछ के दौरान बृहस्पतिवार को उमर खालिद और अनिर्बान ने दिल्ली पुलिस से अपने लिए सिगरेट, खाना और अखबार के साथ कन्हैया कुमार के साथ ही रहने की मांग की है।
खास बात ये कि इन्होंने जेएनयू के एक खास ढाबे पर बनने वाले मोमोज और बिरयानी की फरमाइश की जिसे पुलिस ने पूरा करने से मना कर दिया।
बता दें गत रविवार को ये दोनों अचानक जेएनयू परिसर में प्रकट हुए और अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने अस्वीकार करते हुए उन्हें आत्मसर्पण करने को कहा था।
जिसके बाद दोनों ने खुद ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस ने इन दोनों को गुप्त जगह पर रखा है जहां इनसे पूछताछ जारी है।