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नोएडाः बिल्डर के इशारे पर चुराईं 100 एसयूवी, दो गिरफ्तार

Sun, 21 Jul 2019 09:06 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 21 Jul 2019 09:06 PM IST
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ANTI auto-snatching theft team BURST car stolen gang IN NOIDA
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : फाइल फोटो

दिल्ली-एनसीआर से 100 एसयूवी गाड़ियां चोरी करने वाले गिरोह का एंटी ऑटो स्नैचिंग थेफ्ट टीम व बीटा-2 थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर एक फॉरच्यूनर और एक्सयूवी बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक टूल किट भी बरामद की है। पकड़े गए आरोपी मेरठ के रोज वैली बिल्डर के इशारे पर एसयूवी व अन्य वाहन चोरी करते और इंजन, चेसिस नंबर व एसीएम किट बदलवाकर इनकी पूर्वोत्तर राज्यों में डेढ़ से दो लाख रुपये में बिक्री करते थे।

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एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया कि बीटा-दो कोतवाली प्रभारी अजय कुमार व एंटी स्नैचिंग थेफ्ट टीम के प्रभारी पटनीश कुमार की टीम ने बृहस्पतिवार रात को सिग्मा-तीन सेक्टर के सर्विस रोड के पास मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की। टीम ने यहां झाड़ियों में एक फॉरच्यूनर और एक एक्सयूवी गाड़ी को खड़े देखा। पुलिस टीम ने छिपकर देखा तो दोनों गाड़ियों में दो लोग बैठे थे। पुलिस ने इन्हें घेरकर हिरासत में ले लिया।
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आरोपियों की पहचान मेरठ के रसूलपुर (औरंगाबाद) निवासी नफीस और मेरठ की आशियाना कॉलोनी निवासी काला आरिफ के रूप में हुई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके पास जो फॉरच्यूनर है, वह उन्होंने दिल्ली के पांडव नगर से चोरी की थी। पुलिस ने आरोपियों से एक टूल किट भी बरामद की। इसका प्रयोग गाड़ी चोरी करने में किया जाता था।
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आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह मेरठ स्थित रोज वैली बिल्डर के कार्यालय पर नौकरी करते थे। बिल्डर के इशारे पर दोनों दिल्ली-एनसीआर में वाहन चुराते थे और उसे मेरठ में बिल्डर के कार्यालय पर ले जाकर खड़ी कर देते थे। इसके बाद बिल्डर परिवहन विभाग से साठगांठ कर नया नंबर आवंटित करा लेता था। गाड़ी का इंजन व चेसिस नंबर भी बदल दिया जाता था। 

पुलिस को फरार सरगना की तलाश
पुलिस के मुताबिक, कागजी कार्रवाई के बाद मेरठ के खरखोदा निवासी लियाकत नाम के व्यक्ति की जिम्मेदारी गाड़ी को पूर्वोत्तर राज्यों बिहार व असम बॉर्डर तक ले जाने की होती थी। गिरोह का सरगना व रोज वैली बिल्डर सुजाउर रहमान, जियाउर रहमान व लियाकत अभी फरार हैं। दोनों मेरठ के पटेल नगर के रहने वाले हैं।


व्हॉट्सऐप पर चलता है धंधा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिल्डर पूरे धंधे का नियंत्रण करते हैं। आरोपी कई लड़कों को कमीशन देकर चोरी कराते हैं। बिल्डर की कुछ बड़े नेताओं से भी पहचान है। इसका वह अक्सर लाभ उठाता है। गिरोह के सदस्य वाहन चोरी करने के बाद व्हॉट्सएप के जरिये बिल्डर को सूचित करते हैं। इसके बाद किस नंबर की प्लेट लगानी है आदि की जानकारी बिल्डर ही आरोपियों को देता है। पुलिस का कहना है कि जिस समय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, उस दौरान आरोपी व्हॉट्सऐप पर बिल्डर से ही संपर्क कर जानकारी देने में जुटे थे।

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