{"_id":"5b35a8394f1c1bc2378b66fe","slug":"anshu-prakash-assault-case-fsl-report-revealed-not-tampering-with-cctv-footage","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुख्य सचिव मारपीट मामला: एफएसएल की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, सीसीटीवी फुटेज के साथ नहीं हुई छेड़छाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्य सचिव मारपीट मामला: एफएसएल की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, सीसीटीवी फुटेज के साथ नहीं हुई छेड़छाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 29 Jun 2018 09:02 AM IST
विज्ञापन
केजरीवाल और अंशू प्रकाश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से कथित मारपीट के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित अन्य को राहत मिली है। एफएसएल रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मुख्यमंत्री आवास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी।
सीसीटीवी कैमरों का समय पहले से ही 40 मिनट आगे चल रहा था। घटना वाले दिन कैमरों को समय आगे नहीं किया गया था। दूसरी तरफ रिपोर्ट आने के साथ ही दिल्ली पुलिस में ये चर्चा शुरू हो गई है कि एफएसएल दिल्ली सरकार के अधीन काम करती है।
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जांच के लिए एफएसएल भेजा था। मुख्यमंत्री के घर में लगे 14 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे, जबकि सात कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इन कैमरों का समय सही वक्त से 40.43 मिनट आगे चल रहा था।
विज्ञापन
पुलिस को आशंका थी कि सीसीटीवी कैमरों का समय आगे किया गया है। इस कारण पुलिस ने 23 फरवरी को सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था। पिछले सप्ताह आई एफएसएल की रिपोर्ट से खुलासा हो गया है कि सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई थी।
सीसीटीवी कैमरे पहले से 40.43 मिनट आगे चल रहे थे। रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सीसीटीवी कैमरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
विज्ञापन
सीसीटीवी कैमरों का समय पहले से ही 40 मिनट आगे चल रहा था। घटना वाले दिन कैमरों को समय आगे नहीं किया गया था। दूसरी तरफ रिपोर्ट आने के साथ ही दिल्ली पुलिस में ये चर्चा शुरू हो गई है कि एफएसएल दिल्ली सरकार के अधीन काम करती है।
विज्ञापन
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जांच के लिए एफएसएल भेजा था। मुख्यमंत्री के घर में लगे 14 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे, जबकि सात कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इन कैमरों का समय सही वक्त से 40.43 मिनट आगे चल रहा था।
विज्ञापन
पुलिस को आशंका थी कि सीसीटीवी कैमरों का समय आगे किया गया है। इस कारण पुलिस ने 23 फरवरी को सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था। पिछले सप्ताह आई एफएसएल की रिपोर्ट से खुलासा हो गया है कि सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई थी।
सीसीटीवी कैमरे पहले से 40.43 मिनट आगे चल रहे थे। रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सीसीटीवी कैमरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
पुलिस में चर्चा, दिल्ली सरकार की है एफएसएल
दिल्ली पुलिस में ये चर्चा शुरू हो गई है कि एफएसएल दिल्ली सरकार के अधीन काम करती है। ऐसे में रिपोर्ट दिल्ली सरकार के मन मुताबिक आनी थी। दिल्ली पुलिस ने कई सवालों के जवाब मांगे थे, जिनके जवाब देने में एफएलएस ने असमर्थता जताई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी चार्जशीट तैयार करने की शुरूआती दौर है।
क्या था मामला
19 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास में हुई मीटिंग में दिल्ली केमुख्य सचिव अंशु प्रकाश केसाथ मारपीट की गई थी। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत मीटिंग में मौजूद सभी 11 विधायकों से पूछताछ की थी। दो विधायक प्रकाश जरवाल व अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी चार्जशीट तैयार करने की शुरूआती दौर है।
क्या था मामला
19 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास में हुई मीटिंग में दिल्ली केमुख्य सचिव अंशु प्रकाश केसाथ मारपीट की गई थी। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत मीटिंग में मौजूद सभी 11 विधायकों से पूछताछ की थी। दो विधायक प्रकाश जरवाल व अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया गया था।