अंकित की हत्या अब भी मर्डर मिस्ट्री, पुलिस के दावे फेल
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इंजीनियर अंकित चौहान की हत्या के मामले में सोमवार को नोएडा पुलिस ने रविवार को हिरासत में लिए गए दूसरे संदिग्ध को क्लीन चिट दे दी। जिस संदिग्ध को पुलिस ने दिल्ली से हिरासत में लिया था वह एक टैक्सी ड्राइवर निकला।
पुलिस होंडा एकॉर्ड कारों की पहचान कर रही है। पुलिस की एक टीम विभिन्न स्थानों पर कारों को सत्यापित करने में लगी हुई है। डीएसपी राजकुमार मिश्र ने बताया कि स्केच के आधार पर दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई मगर दोनों का ही इस हत्याकांड से कोई भी लिंक नहीं निकला।
ऐसे में दोनों को छोड़ दिया गया। जिस संदिग्ध को हिरासत में लिया गया था वह एक टैक्सी ड्राइवर है और वारदात के दिन वह लोगों को पिक करने के लिए सेक्टर- 76 और सेक्टर-135 के पास गया हुआ था।
तीन शहरों में तीन टीमें फिर भी नहीं सुलझ रहा केस
ऐसे में दोनों को छोड़ दिया गया। जिस संदिग्ध को हिरासत में लिया गया था वह एक टैक्सी ड्राइवर है और वारदात के दिन वह लोगों को पिक करने के लिए सेक्टर- 76 और सेक्टर-135 के पास गया हुआ था।
मगर जांच के बाद स्पष्ट हो गया कि उक्त चालक का हत्याकांड में काई हाथ नहीं है। राजकुमार मिश्र का कहना है कि सफेद रंग की दिल्ली-एनसीआर में रजिस्टर्ड 72 होंडा एकॉर्ड कारों की पहचान की गई मगर अब तक कोई भी सुराग नहीं लग सका।
उनका कहना है कि इस बीच सोमवार को दो टीमों को मुजफ्फरनगर और मेरठ भेजा गया है। वहीं, एक टीम बंगलूरू पहुंच गई। अंकित की पत्नी अमीषा मुजफ्फरनगर की रहने वाली है जबकि अंकित का परिवार मेरठ में रह रहा है।
राजकुमार मिश्र का कहना है कि एक टीम चेन्नई भी भेजी जा सकती है क्योंकि दो साल तक टीसीएस चेन्नई में अंकित काम कर चुका है। हालांकि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ हत्याकांड से जुड़ा कोई भी पुख्ता सुराग नहीं लग पाया है।