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सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में परिंदों की होगी गिनती 

Mon, 10 Oct 2016 09:50 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 10 Oct 2016 09:50 AM IST
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animals in sultanpur national bird sedentary will be counted soon
- फोटो : डेमो फोटो

अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में परिंदों की गिनती होगी। वैज्ञानिक तरीके से देसी और प्रवासी पक्षियों का सर्वे किया जाएगा। तीन चरणों में अलग-अलग सर्वे कर पक्षियों की संख्या का पता किया जाएगा। जिससे उनको बेहतर माहौल दिया जा सके। बता दें कि एक अक्तूबर से राष्ट्रीय पक्षी उद्यान शुरू कर दिया गया है और विदेशी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

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दरअसल, प्रवासी पक्षियों के चले जाने के बाद वन्य विभाग पक्षी उद्यान को बंद कर देता है। इस दौरान देसी पक्षियों के प्रजनन के लिए माकूल माहौल देने के साथ उनके खाने-पीने की व्यवस्था करता है। अब प्रजनन काल के बाद वहां पक्षियों के बच्चे निकलने का समय आ गया है।
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अक्तूबर के अंत या नवंबर में वन्य जीव विभाग उसकी गणना कर संख्या का पता लगाएगा। इसके बाद जनवरी के महीने में सर्वे किया जाएगा। उस समय छोटे पक्षियों की गिनती होगी। इस समय प्रवासी परिंदों की संख्या पर भी नजर रहेगी। मौसम में बदलाव के साथ ही इस महीने में प्रवासी पक्षियों की भरमार होती है। इसके बाद तीसरे चरण का सर्वे मार्च में होगा।
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गणना से प्रवासी पक्षियों से जुड़ी आवश्यक जानकारियां भी जुटाई जा सकेंगी। सुल्तानपुर उद्यान में पक्षियों की गिनती के साथ ही वहां उपलब्ध अन्य जीवों और वनस्पतियों की भी जानकारी जुटाई जाएगी। विभाग का दावा है कि पक्षी  मछली, घास और जानवरों से अपना भोजन हासिल करते हैं।  इससे प्रवासी पक्षियों को अनुकूल माहौल देने के लिए बेहतर कदम उठाए जा सकेंगे। 
 
उद्यान में आने वाले विदेशी पक्षी...
साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर फ्लैमिंगो, रफ, ब्लैक विग्ड स्टिल्ट, कॉमन टील, कटमन ग्रीनशैंक, नॉदर्न पिंटेल, यलो वैगटेल, ह्वाइट वैगटेल, नॉर्दन शॉवलर, रॉजी पेलिकन, स्पिल्ट-बिल्ड पेलिकन, गैडवॉल, वुड सैंडिपर, स्पोटेड सैंडिपर, यूरेशियन विगोन, ब्लैक-टेल्ड गोडविट, स्पोटेड रेडशैंक, स्टॉरलिंग, ब्लूथ्रोट एंड लांग-बिल्ड पाइपिट, ऐशियन कोयल, ब्लैक-क्राउंड नाइट हेरोन, ग्रे हेरोन, इंडियन गोल्डेन ओरिवल, कॉम डक, ब्लू-चिक्ड बी इटर। 
 
स्थानीय पक्षी...
कॉमन हूप, पैडी फील्ड पाइपेट, परपल सन बर्ड, लिटिल कॉरमोरेंट, इंडियन कॉरमोरेंट, कॉमन स्पूनबिल, ग्रे फ्रैंकोलिन,  ब्लैक फ्रैंकोलिन, इंडियन रोलर, ह्वाइट-थ्रोटेड किंगफिशर, स्पोटबिल, पेंटेड स्ट्रोक, ब्लैक नेक्ड स्टोर्क, ह्वाइट इबिस, ब्लैक हेडेड इबिस, लिटिल इग्रेट, ग्रेट इग्रेट, कैटे्रल इग्रेट, क्रेस्टेड लार्क, रेड वेंटेंड बुलबुल, रोज रिंग्ड पैराकीट, यूरेशियन कोलारेड, लॉफिंग डोव, ग्रीन बी इंटर। 


रामबीर सिंह, संरक्षक, वन्य जीव विभाग: पक्षी उद्यान एक अक्तूबर से शुरू हो चुका है। प्रवासी पक्षी भी आने लगे हैं। देसी पक्षियों की संख्या भी अधिक है। इसे जानने के लिए तीन फेज में सर्वे होगा, ताकि उनकी संख्या पता चल सके। इसके लिए तैयारियां की जा रही है।

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