अनिल बैजल 31 दिसंबर को लेंगे दिल्ली के उपराज्यपाल पद की शपथ
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पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल बैजल को दिल्ली का उप राज्यपाल नियुक्त किया गया है जो 31 दिसंबर को अपने पद की थपथ लेंगे। बता दें कि केंद्र सरकार की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को उपराज्यपाल पद पर बैजल की नियुक्ति को मंजूरी दे दी। इससे पहले राष्ट्रपति ने नजीब जंग का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
1969 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल बैजल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गृह सचिव नियुक्त किए गए थे। लेकिन नियुक्ति के करीब चार महीने बाद ही जून 2004 में आई यूपीए सरकार ने इन्हें पद से हटाकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय में भेज दिया था। इसके बाद बैजल कई मंत्रालयों में कार्यरत रहे। 70 वर्षीय बैजल फिलहाल थिंक टैंक विवेकानंद फाउंडेशन की कार्यकारी परिषद में हैं।
नरेंद्र मोदी सरकार ने इस संस्थान से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत कई अवकाश प्राप्त अधिकारियों को अहम पदों पर नियुक्त किया है। बैजल दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल होंगे। बैजल 2006 में शहरी विकास मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए थे।
एनडीए सरकार में रहे हैं गृह सचिव
वे दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन भी रह चुके हैं। उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार की ओर से शुरू किए गए 60,000 करोड़ रुपये के जवाहरलाल नेहरू नेशनल अरब रिन्यूवल मिशन यानी जेएनएनयूआरएम को मूर्त रूप देने और इसे शुरू करने में अहम भूमिका निभाई है।
नजीब जंग ने बतौर उप राज्यपाल साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरा कर 22 दिसंबर को अचानक इस्तीफा दे दिया था। जंग का कार्यकाल आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ तनातनी भरा रहा।
हालांकि जंग ने अपने इस्तीफे के फैसले का कारण निजी बताया है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इन दिनों सिकंदराबाद के राष्ट्रपति निलयम में शीतकालीन प्रवास पर हैं। राष्ट्रपति को अभी बैजल के नाम को मंजूरी देनी है।
उम्मीद है कि राष्ट्रपति के राजधानी लौटते ही बैजल को उप राज्यपाल बनाने की औपचारिकता पूरी कर ली जाएगी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बैजल को दिल्ली का उप राज्यपाल बनाए जाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि श्री अनिल बैजल का स्वागत है।