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आनंद विहार ISBT के विस्तार को तगड़ा झटका
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 09 Jul 2014 04:35 PM IST
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नई दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तर्ज पर बनने वाले आनंद विहार आईएसबीटी के विस्तार को झटका लग गया है। पांच साल पहले एनओसी जारी करने के बाद डीएमआरसी ने अब अचानक मेट्रो फेस थ्री विस्तार के लिए एक एकड़ जमीन मांग ली। इससे आईएसबीटी की डिजाइन रद्द हो गई है।
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नई डिजाइन अब 25 एकड़ की बजाय 24 एकड़ पर तैयार होगी। इसके लिए पहले ट्रांसपोर्ट समेत डिम्ट्स को फिर से 11 अलग-अलग अथॉरिटी से एनओसी लेनी होगी। इस प्रक्रिया के चलते काम शुरू होने की डेडलाइन लगभग डेढ़ साल आगे खिसक गई है।
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उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा को जाने वाली बसों के इंटरस्टेट टर्मिनल आनंद विहार को विस्तारित कर नए रूप में इस साल के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य था। इसकी डिजाइन को डीएमआरसी समेत सभी संबंधित विभागों से एनओसी भी मिल चुकी थी। लेकिन अब इसमें रुकावट आ गई है।
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डीएमआरसी ने जहां एक एकड़ जमीन की मांग कर इसकी डिजाइन बिगाड़ दी है, वहीं आनंद विहार आईएसबीटी, आनंद विहार रेलवे स्टेशन व मेरठ से सराय काले खां केबीच चलने वाली रैपिड ट्रेन कॉरिडोर को ध्यान में रख कर आईएसबीटी को नया रूप देना होगा।
जिस डिजाइन पर अभी काम किया जाना था, उसमें आनंद विहार आईएसबीटी से रैपिड ट्रेन कॉरिडोर को जोड़ने के लिए महज एस्केलेटर व लिफ्ट ही प्रस्तावित था।
फिर लेनी होगी नए डिजाइन पर एनओसी
डिजाइन में संशोधन करने को डिम्ट्स व ट्रांसपोर्ट विभाग को नए सिरे से 11 अथॉरिटी से एनओसी (नो अबजेक्शन सर्टिफिकेट) लेनी होगी। एनओसी के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एनओसी ऑफ द लैंड अलॉटमेंट, यूटीपैक (यूटीटीआईपीईसी), इन्वायरमेंटल क्लीयरेंस, डीपीसीसी, डीएमआरसी, एक्सटेंशन ऑफ टाइम (डीडीए), ट्री कटिंग, डीडीए अप्रूवल ऑफ बिल्डिंग प्लॉन, दिल्ली अर्बन ऑर्ट कमीशन, दिल्ली फायर आदि अथॉरिटी में फाइल को भेजनी होगी। ये अथॉरिटी अपने ढंग से फाइलों को आगे भेजेंगे, जिसमें लगभग डेढ़ से दो साल का समय भी लग सकता है। सभी अप्रूवल के बाद कम से कम एक साल निर्माण कार्य में लगना है।
जमीन में टैक्सी पार्किंग से लेकर एग्जिट व रिपेयरिंग डिपो गया
डीएमआरसी की ओर से ली गई एक एकड़ जमीन में आईएसबीटी का टैक्सी पार्किंग, एग्जिट प्वाइंट, एक से पांच नंबर गेट, स्लिप लेन, बस रिपेयरिंग डिपो समेत बेसमेंट से लेकर फेस-एक व फेस-दो में खड़ी होने वाली बस के प्लेटफार्म भी चले गए।
एनओसी देने के पांच साल बाद मांगी जमीन
डीएमआरसी ने वर्ष 2009 में डिम्ट्स व ट्रांसपोर्ट विभाग को एनओसी जारी की थी। आनंद विहार मेट्रो स्टेशन के चलते डीएमआरसी की एनओसी जरूरी है। पांच साल पहले दिल्ली मेट्रो ने अपने विस्तार की कोई जानकारी डिम्ट्स को नहीं दी थी। मेट्रो फेस थ्री के विस्तार के लिए अधिक जमीन की जरूरत पड़ने पर डीएमआरसी ने एक एकड़ जमीन मांगी। ट्रांसपोर्ट विभाग ने वर्ष 2014 में जमीन अलॉट कर दी। इसी के बाद दिक्कत शुरू हुई।