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यूपीईएस करियर टॉक में आनंद कुमार ने साझा किया अपने विचार
Wed, 10 Mar 2021 11:30 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 10 Mar 2021 11:30 PM IST
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आनंद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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एनएएसी यूनिवर्सिटी यूपीईएस में आनंद कुमार के साथ मार्गदर्शन सत्र और करियर पर चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें इंजीनियरिंग की जानकारी के अलावा उन्हें किसी भी समस्या के डिजाइन, बिजनेस, कानून और आर्थिक पहलूओं को समझने की आवश्यकता होती है ताकि वे इसके लिए प्रभावी समाधान ढूंढ सकें।
इस दौरान आनंद कुमार ने कहा कि, “एक ऐसी यूनिवर्सिटी का चुनाव करें जो आपको आपके विषय चुनने की आजादी दे और आपके विकल्पों को सीमित न करे, क्योंकि भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए बहु-विषयक शिक्षा सबसे अच्छा रास्ता है।” अपनी जानकारी बढ़ाते रहें।
उन्होंने कहा कि महामारी ने हमें ज्यादा अनुकूलनीय और लचीला होने की आवश्यकता का अहसास करा दिया है। लगातार कौशल में वृद्धि करने और नए कौशल सीखने से हमेशा बदलने वाले काम के माहौल में लगातार सुसंगत बने रहने हेतु एक छात्र की संभावनाओं में वृद्धि होती है।
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आनंद कुमार सुझाव देते हैं – “नई चीजें सीखने की कोशिश करें क्योंकि रचनात्मकता और नवाचार सफलता की चाबी है। खुद को शिक्षा की एक शाखा तक सीमित मत करिए, बल्कि नए रास्ते खोलिए। यदि आप एक मेकैनिकल इंजीनियर हैं तो जाइए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस या मशीन लर्निंग के बारे में सीखिए। अपने प्रमुख कार्यक्षेत्र के ज्ञान में विभिन्न विषयों को जोड़ते रहिए।”
आपकी कोशिशों को कई गुना बढ़ाते रहिए
बुनियादी नियमों का पालन करें और एक गेम चेंजर बनने की प्यास लगातार बनाए रखें। नवाचार करने और कुछ बेहतर निर्माण करने के लिए योग्य बनने हेतु किसी भी टेक्नोलॉजी की गहराई को समझने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दीजिए। अपनी कोशिशों का फोकस केवल परीक्षा पास करने पर नहीं बल्कि सीखने और प्रक्रिया का आनंद लेने पर रखें।
नकारात्मक विचार को घटाएं
आनंद कुमार ने कहा कि कभी भी नकारात्मक विचारों को अपने विजन और लक्ष्यों को धुंधला करने मत दीजिए। एक विफल कोशिश के कारणों को ढूंढना जरुरी है ताकि आप आगे जाकर सफलता पा सकें। छात्रों को, यदि वे फेल हो जाते हैं, तो कभी तनाव में नहीं आना चाहिए बल्कि उन्हें कई सवाल पूछने चाहिए, विषय समझना चाहिए और केवल उसे रटना नहीं चाहिए। याद रखें जिज्ञासा ही आविष्कार का बीज होती है।
असीमित प्रतिबद्धता और धैर्य
कोच एक छात्र को केवल मार्गदर्शन दे सकता है। लेकिन छात्र को अपनी ओर से कड़ी मेहनत करनी चाहिए और इसका हमेशा अच्छा नतीजा मिलता है। अपने सपनों को साकार करने का दृढ़ संकल्प ही प्रत्येक छात्र को प्रेरित और आगे बढ़ने के लिए जरुरी होता है। जैसा कि आनंद कुमार कहते हैं कि, “एक बार कड़ी मेहनत करना आदत बन जाए तो कोई कमी नहीं रहेगी और ना ही विफलता रहेगी।”
धैर्य एक और गुण है जिसे छात्रों को स्वयं में विकसित करना होगा क्योंकि हो सकता है आपकी शुरुआत धीमी हो लेकिन आपको कभी भी हार नहीं माननी चाहिए और उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
आनंद कुमार ने आगे यह कहा कि, जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है, लेकिन अपना ध्यान कभी विचलित मत होने दीजिए और इंतजार मत कीजिए कि कोई आकर आपका जीवन बदल देगा, क्योंकि केवल आप ही हैं जो अपनी किस्मत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं।” इसलिए आगे बढ़ो और अपने लिए सर्वश्रेष्ठ संभव करीयर और जीवन का निर्माण करो।
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इस दौरान आनंद कुमार ने कहा कि, “एक ऐसी यूनिवर्सिटी का चुनाव करें जो आपको आपके विषय चुनने की आजादी दे और आपके विकल्पों को सीमित न करे, क्योंकि भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए बहु-विषयक शिक्षा सबसे अच्छा रास्ता है।” अपनी जानकारी बढ़ाते रहें।
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उन्होंने कहा कि महामारी ने हमें ज्यादा अनुकूलनीय और लचीला होने की आवश्यकता का अहसास करा दिया है। लगातार कौशल में वृद्धि करने और नए कौशल सीखने से हमेशा बदलने वाले काम के माहौल में लगातार सुसंगत बने रहने हेतु एक छात्र की संभावनाओं में वृद्धि होती है।
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आनंद कुमार सुझाव देते हैं – “नई चीजें सीखने की कोशिश करें क्योंकि रचनात्मकता और नवाचार सफलता की चाबी है। खुद को शिक्षा की एक शाखा तक सीमित मत करिए, बल्कि नए रास्ते खोलिए। यदि आप एक मेकैनिकल इंजीनियर हैं तो जाइए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस या मशीन लर्निंग के बारे में सीखिए। अपने प्रमुख कार्यक्षेत्र के ज्ञान में विभिन्न विषयों को जोड़ते रहिए।”
आपकी कोशिशों को कई गुना बढ़ाते रहिए
बुनियादी नियमों का पालन करें और एक गेम चेंजर बनने की प्यास लगातार बनाए रखें। नवाचार करने और कुछ बेहतर निर्माण करने के लिए योग्य बनने हेतु किसी भी टेक्नोलॉजी की गहराई को समझने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दीजिए। अपनी कोशिशों का फोकस केवल परीक्षा पास करने पर नहीं बल्कि सीखने और प्रक्रिया का आनंद लेने पर रखें।
नकारात्मक विचार को घटाएं
आनंद कुमार ने कहा कि कभी भी नकारात्मक विचारों को अपने विजन और लक्ष्यों को धुंधला करने मत दीजिए। एक विफल कोशिश के कारणों को ढूंढना जरुरी है ताकि आप आगे जाकर सफलता पा सकें। छात्रों को, यदि वे फेल हो जाते हैं, तो कभी तनाव में नहीं आना चाहिए बल्कि उन्हें कई सवाल पूछने चाहिए, विषय समझना चाहिए और केवल उसे रटना नहीं चाहिए। याद रखें जिज्ञासा ही आविष्कार का बीज होती है।
असीमित प्रतिबद्धता और धैर्य
कोच एक छात्र को केवल मार्गदर्शन दे सकता है। लेकिन छात्र को अपनी ओर से कड़ी मेहनत करनी चाहिए और इसका हमेशा अच्छा नतीजा मिलता है। अपने सपनों को साकार करने का दृढ़ संकल्प ही प्रत्येक छात्र को प्रेरित और आगे बढ़ने के लिए जरुरी होता है। जैसा कि आनंद कुमार कहते हैं कि, “एक बार कड़ी मेहनत करना आदत बन जाए तो कोई कमी नहीं रहेगी और ना ही विफलता रहेगी।”
धैर्य एक और गुण है जिसे छात्रों को स्वयं में विकसित करना होगा क्योंकि हो सकता है आपकी शुरुआत धीमी हो लेकिन आपको कभी भी हार नहीं माननी चाहिए और उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
आनंद कुमार ने आगे यह कहा कि, जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है, लेकिन अपना ध्यान कभी विचलित मत होने दीजिए और इंतजार मत कीजिए कि कोई आकर आपका जीवन बदल देगा, क्योंकि केवल आप ही हैं जो अपनी किस्मत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं।” इसलिए आगे बढ़ो और अपने लिए सर्वश्रेष्ठ संभव करीयर और जीवन का निर्माण करो।