ग्रेटर नोएडा में महामारी से मर रहे हैं बच्चे
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ग्रेटर नोएडा के बीरमपुर में डायरिया से मंगलवार को एक बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद गांव में डायरिया से मरने वाले बच्चों की संख्या दो हो गई है। वहीं, मंगलवार को 180 मरीज स्वास्थ्य विभाग के कैंप पहुंचे। आसपास के गांवों में भी बीमारी फैलने के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां डटी हुई है।
बीरमपुर में दो वर्षीय बच्ची प्रांजलि की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। प्रांजलि के परिवार के चार बच्चों का इलाज बीरमपुर, जेवर और बुलंदशहर में चल रहा है।
सभी चचेरे भाई-बहन हैं। बीरमपुर, चक बीरमपुर, साबौता और नगला हुकुम सिंह में डायरिया पीड़ित चारपाइयों पर पड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने चार गांवों में कैंप लगा रखे हैं। कैंप में पहुंचे दो मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
दूसरी मौत से गांवों में दहशत
ग्रामीणों ने बताया कि चारों गांवों के बहुत से बच्चे, महिला और पुरुष ग्रेटर नोएडा, नोएडा, बुलंदशहर और जेवर के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। सफाई के लिए प्रशासन ने कर्मी लगाए हैं, लेकिन नालियां अब भी गंदगी से अटी हुई हैं।
बीरमपुर गांव में एक और मौत के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। इससे पूर्व 15 अगस्त को राजेश के घर में मातम छा गया था, जब उनकी पांच साल की पुत्री तानिया ने डायरिया से दम तोड़ दिया।
डायरिया प्रभावित गांवों के लोगों का पलायन जारी है। 15 अगस्त को बीमारी से हुई पहली मौत के बाद से जारी पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी बड़ी तादात में लोग गांवों से दूसरी जगह चले गए। प्रशासनिक अधिकारी मरीजों को विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। मगर दूसरी घटना ने उन्हें और डरा दिया है।