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पुलिस आयुक्त बोले- हमेशा आतंकियों के निशाने पर रहती है दिल्ली

Wed, 18 Jul 2018 01:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 18 Jul 2018 01:15 AM IST
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Amulya Patnaik says Delhi always on targets of terrorists
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने कहा कि देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली हमेशा आतंकियों के निशाने पर रहती है। 15 अगस्त की तैयारियों व हिदायतों को लेकर आयुक्त ने सभी थानाध्यक्ष व अधिकारियों को मंगलवार शाम माता सुंदरी कॉलेज ऑडिटोरियम में बुलाया था। 
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इस दौरान उन्होंने कहा कि थानों में सुपर विजन ठीक से होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हमेशा आतंकी हमले के इनपुट रहते है। दिसंबर, 2017 में जैश ए मोहम्मद बड़े हमले की धमकी दे चुका है। उन्होंने आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए सभी कदम उठाने को कहा। साथ ही किराएदार व नौकरों के वेरिफिकेशन करने पर भी जोर दिया। 
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पीठ भी थपथपाई
थानाध्यक्षों की तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। थानों में 24 घंटे रिजर्व फोर्स होनी चाहिए। आपराधिक वारदात खासकर आर्म रॉबरी को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। पुलिस आयुक्त ने तिलक विहार में पुलिस चौकी में युवती की खुदकुशी मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सुपर विजन ठीक होना चाहिए। 
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ऐसा होता तो तो घटना ही नहीं होती। करीब सवा चार बजे से करीब पौने छह बजे तक बैठक चली। स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने आतंकी घटनाओं को रोकने के तरीकों के बारे में बताया।  

अपराध में आई कमी 

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि राजधानी में अपराध में काफी कमी आई है। 2017 में एक जनवरी से 30 जून तक जहां 3,180 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हुए थे।

वर्ष 2018 में 2,955 मामले ही दर्ज हुए हैं। शुरुआती छह महीने में पिछले वर्ष के मुकाबले सात फीसदी की कमी आई है। वारदात सुलझाने के मामले आठ फीसदी बढ़े हैं। वर्ष 2017 में शुरुआती छह महीने में जहां 77 फीसदी मामले सुलझे थे, वहीं इस वर्ष 85 फीसदी मामले सुलझा लिए गए हैं।

उधर,  वर्ष 2017 में एक जनवरी से 30 जून तक जहां स्ट्रीट क्राइम के 6,100 मामले दर्ज हुए थे। वहीं, वर्ष 2018 में एक जनवरी से 30 जून तक सिर्फ 4, 563 मामले ही दर्ज हुए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले स्ट्रीट क्राइम में 25 फीसदी की कमी आई है।   
 
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