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आम्रपाली के सीएमडी और दो निदेशक 4 दिन की पुलिस रिमांड पर
Sat, 02 Mar 2019 04:14 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 02 Mar 2019 04:14 AM IST
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- फोटो : PTI
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निवेशक से साढ़े छह करोड़ से ज्यादा की ठगी के मामले में आम्रपाली बिल्डर्स के सीएमडी व दो निदेशकों को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से चार दिन के रिमांड पर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार को तीनों आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने कड़कड़डूमा जिला अदालत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार रामपुरी के समक्ष आम्रपाली के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा, निदेशक अजय कुमार और शिवप्रिया से पूछताछ के लिए सात दिन का रिमांड मांगा। सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता अनुभव जैन से 6.60 करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन फ्लैट नहीं दिए। यह पैसा कहां गया और किस काम में इस्तेमाल किया गया, इसकी जांच करनी है। इसके अलावा, कंपनी के ऑडिटर अनिल मित्तल व मुख्य वित्त अधिकारी चंदर वधावन से पूछताछ करनी है।
कार्यकर्ता अनुभव जैन के वकील प्रदीप तेवतिया ने जिरह में कहा कि शिकायतकर्ता ने नोएडा सेक्टर 67 में आम्रपाली के सिलिकॉन सिटी में प्रस्तावित टावर में 6.60 करोड़ रुपये में 26 फ्लैट 2011 में बुक कराए। कंपनी ने जिस टावर में फ्लैट के लिए पैसा लिया, वह टावर कभी बना ही नहीं और न ही उसके निर्माण की अनुमति नोएडा प्राधिकरण से ली गई थी।
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बचाव के अधिवक्ता अमित सिन्हा व एसपीएम त्रिपाठी ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि यह पूरा मामला दस्तावेज पर आधारित है। आरोपियों के पास कोई दस्तावेज नहीं है, क्योंकि यह सारे दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर को पहले ही दिए जा चुके हैं।
इस मामले में केस की आगे की जांच फोरेंसिक ऑडिटर की रिपोर्ट आने के बाद ही संभव है। इसके अलावा, कंपनी के कार्यालय, बैंक खाते पहले ही सील किए जा चुके हैं। इन हालात में आरोपियों का सात दिन का रिमांड मांगने का कोई औचित्य नहीं है।
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पुलिस ने कड़कड़डूमा जिला अदालत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार रामपुरी के समक्ष आम्रपाली के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा, निदेशक अजय कुमार और शिवप्रिया से पूछताछ के लिए सात दिन का रिमांड मांगा। सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता अनुभव जैन से 6.60 करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन फ्लैट नहीं दिए। यह पैसा कहां गया और किस काम में इस्तेमाल किया गया, इसकी जांच करनी है। इसके अलावा, कंपनी के ऑडिटर अनिल मित्तल व मुख्य वित्त अधिकारी चंदर वधावन से पूछताछ करनी है।
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कार्यकर्ता अनुभव जैन के वकील प्रदीप तेवतिया ने जिरह में कहा कि शिकायतकर्ता ने नोएडा सेक्टर 67 में आम्रपाली के सिलिकॉन सिटी में प्रस्तावित टावर में 6.60 करोड़ रुपये में 26 फ्लैट 2011 में बुक कराए। कंपनी ने जिस टावर में फ्लैट के लिए पैसा लिया, वह टावर कभी बना ही नहीं और न ही उसके निर्माण की अनुमति नोएडा प्राधिकरण से ली गई थी।
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बचाव के अधिवक्ता अमित सिन्हा व एसपीएम त्रिपाठी ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि यह पूरा मामला दस्तावेज पर आधारित है। आरोपियों के पास कोई दस्तावेज नहीं है, क्योंकि यह सारे दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर को पहले ही दिए जा चुके हैं।
इस मामले में केस की आगे की जांच फोरेंसिक ऑडिटर की रिपोर्ट आने के बाद ही संभव है। इसके अलावा, कंपनी के कार्यालय, बैंक खाते पहले ही सील किए जा चुके हैं। इन हालात में आरोपियों का सात दिन का रिमांड मांगने का कोई औचित्य नहीं है।