{"_id":"5e0e573dbeab988fb81e9575","slug":"ambulance-cheated-elderly-couple-rushed-to-hospital-with-sick-son-lying-in-a-rickshaw","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखा दे गई एंबुलेंस, बीमार बेटे को रिक्शा में लिटाकर अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग दंपती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोखा दे गई एंबुलेंस, बीमार बेटे को रिक्शा में लिटाकर अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग दंपती
Fri, 03 Jan 2020 02:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
जतिन त्यागी, हापुड़
जतिन त्यागी, हापुड़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 03 Jan 2020 02:19 AM IST
विज्ञापन
बेबसी...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा का लाभ एक फोन पर ही लोगों को मिलने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन बृहस्पतिवार को इस दावे की भी पोल खुल गई। ततारपुर निवासी एक बुजुर्ग दंपती अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए उसे रिक्शे में लिटाकर अस्पताल लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
इतना ही नहीं अस्पताल की जानकारी न होने के कारण ये दंपती घंटो तक शहर में भटकता रहा। वही जैसे तैसे जब गढ़ रोड स्थित सीएचसी पहुंचे तो वहां इलाज के लिए भी भटकना पड़ा। अधिकारियों ने मामले का संज्ञान तक नहीं लिया।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार ततारपुर निवासी बालूराम का पुत्र सोनू बीते कई दिन से बुखार और पीलिया से पीड़ित चल रहा है। बृहस्पतिवार को उसकी हालत काफी खराब हो गई। रोगी के परिवार की माली हालत काफी नाजुक है, मेहनत मजदूरी से ही परिवार अपना पेट भरता है।
विज्ञापन
बेटे की हालत खराब होती देख बुजुर्ग पिता बालूराम और माता मूर्ति अपने पास कोई संशाधन न होने के कारण गांव के ही लोगों से निशुल्क एंबुलेंस सेवा का नंबर लगवाते रहे।
आरोप है कि करीब एक घंटा तक प्रयास करने के बाद भी जब नंबर नहीं मिला तो उन्होंने रिक्शा से ही बेटे को अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। जेब में पैसे न होने के कारण बुजुर्ग दंपती सरकारी अस्पतालों की तलाश में शहर के अंदर भटकते रहे।
जहां पिता बालूराम के हाथ में रिक्शा का हैंडल था, वहीं माता मूर्ती पीछे से रिक्शा को धक्का लगा रही थी। शहरभर में इसी तरह से वह अपने बेटे को अस्पताल तक ले जाने की जद्दोजहद कर रहे थे। इस दृश्य को जो भी देखता मार्मिक हो उठता।
घंटों भटकने के बाद बुजुर्ग दंपती बेटे को लेकर गढ़ रोड सरकारी अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां भी उपचार के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आश्चर्य की बात यह है कि बेटे को दवा दिलाने के बाद भी वह वापस रिक्शा से ही मिलों की दूरी चलकर घर लौटे। लेकिन अस्पताल के अधिकारियों ने यह देखना मुनासिब नहीं समझा कि बुजुर्ग दंपती आखिर कब तक रिक्शा को खीचेंगे।
सीएमओ डा.रेखा शर्मा का कहना है कि मामला गंभीर है। एंबुलेंस सेवा का लाभ मरीजों को दिलाया जा रहा है, फिर भी इस मामले की जांच करायी जाएगी।